गाजियाबाद [अवनीश मिश्र]। दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम की एक सोसायटी में मंगलवार को दिल्ली के कारोबारी गुलशन वासुदेवा द्वारा दो पत्नियों परमीना और संजना के साथ आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट से कूदकर आत्महत्या करने के मामले कई अहम खुलासे हुए हैं। 

कारोबारी गुलशन वासुदेवा इंदिरापुरम की एक साुेसायटी में आभा वर्मा के फ्लैट में किराए पर रहते थे। उन्होंने पुलिस सत्यापन और एग्रीमेंट की कॉपी अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन को दिया था। संजना का परिवार के सदस्य के रूप में पुलिस सत्यापन है। वहीं, अस्पताल में दम तोड़ने से पहले संजना ने पुलिस से कहा था कि उन तीनों ने अपनी मर्जी से आत्महत्या की है।

फांसी का फंदा लगाने की थी योजना

पुलिस जांच में आया है कि बच्चों की हत्या करने के बाद गुलशन ने फंदा लगाकर आत्महत्या करने का भी प्रयास किया था। एक जगह पर तीनों के फंदा लगाने की जगह न होने पर आत्महत्या करने का तरीका बदला। इसके बाद बालकनी में लाइन से कुर्सी लगाई और तीनों कूद गए। कूदते समय उस कमरे को चुना, जिसकी बॉलकनी में जाली नहीं लगी थी। सूत्रों की मानें, तो पुलिस को कमरे में पंखे से लगा एक फंदा भी मिला है। वहीं, कमरे में स्वजनों ने दीवार पर एक बड़ा प्रोजेक्टर लगाया था। बड़ा होम थिएटर भी लगा था। पुलिस मान रही है कि परिवार डिजिटल का काफी प्रयोग करता था।

चाकू बरामद

पुलिस ने कमरे से आला कत्ल चाकू व रस्सी बरामद की है। कमरे से पांच-पांच सौ के 18 नोट और 100 के नोट मिले हैं। कुल रकम करीब 10 हजार मिली है।

दिन भर लोगों का लगा रहा जमावड़ा

घटना के बाद से सोसायटी में नीचे लोगों का जमावड़ा लग गया। घटना की जानकारी होने पर सभी सहम गए। दिन भर सोसायटी व बाहर लोगों का जमावड़ा रहा। हालांकि, फ्लैट के आसपास रहने वाले लोग अपने अपने घरों में ही रहे। अपने समय पर काम पर चले गए। घटना के बाद उनके सीए प्रवीण बख्शी, रमेश अरोड़ा आदि मौके पर पहुंचे।

 कारोबारी ने बच्चों की हत्या कर दो पत्नियों के साथ की खुदकशी

यहां पर बता दें कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम की एक सोसायटी में मंगलवार की सुबह दिल्ली के कारोबारी गुलशन वासुदेवा ने दो पत्नियों परमीना और संजना के साथ आठवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट से कूदकर खुदकशी कर ली। इससे पहले उन्होंने अपने 13 वर्षीय बेटे रितिक और 18 साल की बेटी कृतिका की भी हत्या कर दी थी। संजना, गुलशन की फर्म की मैनेजर भी थीं। बेडरूम की दीवार पर लिखे सुसाइड नोट में गुलशन ने अपने साढू़ राकेश वर्मा को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। राकेश फरार है और पुलिस उसके परिवारवालों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। सुसाइड नोट के साथ दीवार पर बाउंस चेक और पांच सौ रुपये का नोट चस्पा था। फ्लैट में करीब 10 हजार रुपये मिले हैं। दीवार पर लिखा है कि ये पैसे अंतिम क्रिया-कर्म के लिए हैं। हम पांचों की आखिरी इच्छा है कि हमारे शवों को एक साथ जलाया जाए।

सोसायटी में तैनात सुरक्षाकर्मी ने बताया कि उसने सुबह करीब 5.15 बजे किसी भारी चीज के गिरने की आवाज सुनी। मौके पर उसे एक पुरुष के अलावा दो महिलाएं लहूलुहान अवस्था में मिलीं। पुलिस ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया। पुरुष व एक महिला को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरी महिला (संजना) को गंभीर हालत में दूसरे अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। मृतक गुलशन वासुदेवा उर्फ हरीश (47) और संजना दोनों दिल्ली के रहने वाले थे। गुलशन ने डेढ़ माह पहले ही यह फ्लैट किराये पर लिया था। संजना के परिवारवालों ने बताया कि उन्होंने गुलशन से शादी कर ली थी और उनके साथ ही रहती थीं।

पालतू खरगोश भी मृत मिला

पुलिस के अनुसार, गुलशन ने बेटे के गले में चाकू घोंपकर और बेटी की रस्सी से गला घोंटकर हत्या की। पालतू खरगोश को गर्दन मरोड़कर मारा था। इसके बाद बालकनी में तीन कुर्सियां रखकर वे नीचे कूद गए। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने फ्लैट से साक्ष्य एकत्र किए हैं। आशंका है कि बच्चों को मारने से पहले नशीला पदार्थ दिया गया होगा।

पुलिस के अनुसार, गुलशन से उनके साढ़ू साहिबाबाद निवासी राकेश वर्मा ने करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। इस मामले में राकेश, उसकी मां 2016 में जेल भी गए थे। कोलकाता की सिटी लाइफ कंपनी को दिए गए 65 लाख रुपये के माल में से 60 लाख डूबने की जानकारी भी मिली है। गाजियाबाद के एसएसपी सुधीर सिंह ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण कारोबारी ने बच्चों की हत्या करने के बाद परमीना और संजना के साथ आत्महत्या कर ली।

Posted By: JP Yadav

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