जागरण संवाददाता, गाजियाबाद: पुलिस केवल अपराधियों को ही नहीं पकड़ती है, बल्कि परिवारों को भी जोड़ती है। ऐसा ही एक वाकया कविनगर थाना क्षेत्र का सामने आया है। पुलिस के एक प्रयास ने टूटे हुए रिश्ते को दोबारा जोड़ दिया और तीन साल पूर्व तलाकशुदा दंपती को एक कर दिया। इससे आठ साल की बच्ची को माता-पिता दोनों का प्यार मिल गया। पुलिस के इस सराहनीय कार्य का दंपती समेत सोसायटी के लोगों ने दिल से स्वागत किया है।

दोनों की शादी 10 साल पूर्व हुई थी

कविनगर थाना प्रभारी अमित कुमार काकरान ने बताया कि रविवार रात को महागुनपुरम सोसायटी में एक महिला अपनी आठ साल की बेटी के साथ सोसायटी के गेट पर बैठ गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि महिला पिछले कई माह से फ्लैट मालिक को किराया व बिजली का बिल नहीं दे सकी थी। इस कारण मालिक ने फ्लैट से निकाल दिया। जांच में पता चला कि महिला रिचा तलाकशुदा है। उनके पति अनूप एक इंजीनियरिंग कालेज में प्रोफेसर हैं। पता चला कि दोनों की शादी 10 साल पूर्व हुई थी। उनकी आठ साल की बेटी कहकशा भी है। आपसी विवाद के कारण घर में कलह रहने लगी। तीन साल पूर्व दोनों ने तलाक ले लिया। तलाक के बाद कुछ दिनों तक अनूप ने घर का खर्च उठाया। रिचा के मायके वाले भी उसकी मदद करते रहे, लेकिन अब सबने मदद करना बंद कर दिया था।

महिला पुलिस ने पति-पत्नी की कई राउंड काउंसिलिंग की

एसएचओ ने बताया कि पुलिस ने रिचा के पति अनूप को मौके पर बुलाकर दोनों की काउंसिलिंग की। पुलिस से पूर्व एक एनजीओ की संचालिका ने भी दोनों की काउंसिलिंग कर बीच का रास्ता निकालने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सकी। इसके बाद एसएचओ अमित कुमार काकरान ने थाने में तैनात महिला दारोगा तरुणा सिंह को मौके पर भेजा। तरुणा ने पति-पत्नी की कई राउंड काउंसिलिंग की और दोनों को आठ साल की बच्ची के भविष्य की दुहाई देकर मना लिया। जिसके बाद रिचा और अनूप पूर्व के गिले-शिकवे भूलकर एक साथ रहने को तैयार हो गए। तरुणा सिंह की मौजूदगी में ही दंपती ने पूजा-पाठ कर फ्लैट में प्रवेश किया और नए जीवन की शुरुआत की।

Edited By: Nirmal Pareek

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