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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रात में महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं गाजियाबाद शहर के बस स्टॉप, ज्यादातर जगहों पर अंधेरा; पुलिस और CCTV कैमरे भी नहीं मिले

By Rahul KumarEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Mon, 18 Dec 2023 07:58 AM (IST)

जिले के बस स्टॉपों पर महिलाओं की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। पुलिस तैनात होना तो दूर की बात ...और पढ़ें

रात में महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं गाजियाबाद शहर के बस स्टॉप
रात में महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं गाजियाबाद शहर के बस स्टॉप

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। केंद्र व राज्य सरकार भले ही महिला सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित करने के दावे कर रही हों, लेकिन इसकी जमीनी हकीकत इसके उलट है।

जिले के बस स्टॉपों पर महिलाओं की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। पुलिस तैनात होना तो दूर की बात है सीसीटीवी कैमरे व लाइट तक नहीं लगी हैं। दैनिक जागरण की टीम ने पड़ताल कर पुलिस-प्रशासन व संबंधित विभाग की लापरवाही को उजागर किया। इसमें पाया गया कि महिलाओं के लिए रात में घरों से निकलना सुरक्षित नहीं है।

समय-रात 8:20 बजे

स्थान-मोहननगर बस स्टॉप

मोहननगर बस स्टॉप पर विभिन्न शहरों के लिए जाने वालीं बसे रुकती हैं। यहां पर रात 8:40 बजे ही कोई पुलिस कर्मी दिखाई नहीं दिया। स्टाप पर न तो कोई लाइट लगी थी और न ही सीसीटीवी कैमरे लगे थे।

महिलाएं खड़ी होकर बस आने का इंतजार कर रही थीं। करीब 20 मिनट दैनिक जागरण की टीम यहां रुकी पर इस दौरान एक भी पुलिस कर्मी वहां नहीं पहुंचा। सड़क पार करने के लिए फुट ओवर ब्रिज बनाया गया है। ब्रिज पर भी उजाले के लिए कोई लाइट नहीं लगी थी। यहां से महिलाओं को अंधेरे में ही गुजरना पड़ रहा था।

समय-रात 9:15 बजे

स्थान-वैशाली

वैशाली मेट्रो स्टेशन के सामने बस और आटो के लिए स्टाप बनाया गया है। यहां से भी बड़ी संख्या में नौकरी करने वालीं महिलाएं रात में सफर करती हैं। यहां पर भी अंधेरा छाया रहा।

ऑटो चालक महिलाओं को जबरन बैठा रहे थे। पैदल गुजरने वाली महिलाओं को भी यहां से निकलना मुश्किल हो रहा था। सुरक्षा के नाम पर यहां पर न तो पुलिस दिखाई दी और न ही सीसीटीवी कैमरे की कोई व्यवस्था।

समय-रात 8:45 बजे

स्थान-लालकुआं

लालकुआं में यात्रियों को बैठाने के लिए बसें फ्लाइओवर के नीचे रुकती हैं। फ्लाइओवर के नीचे एक भी लाइट नहीं थी। बस का इंतजार कर रहीं महिलाएं वाहनों के उजाले पर ही निर्भर थी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई भी इंतजाम नहीं दिखाई दिया। अंधेरे में महिलाओं को सुरक्षा को लेकर डर सताता है।

समय-रात 09:00 बजे

स्थान-आरडीसी

हापुड़, पिलखुआ, गढ़ मुक्तेश्वर समेत विभिन्न शहरों के जाने वालीं बसें आरडीसी फ्लाइओवर से होकर गुजरती हैं। फ्लाइओवर के पास से यात्री बस में बैठते हैं। यहां भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं दिखा। लाइट, सीसीटीवी, पुलिस जैसी कोई व्यवस्था नहीं दिखी।

पुलिस की पूरे जिले में नियमित गश्त है। जहां भी किसी महिला को भय हो वह पुलिस को फोन कर सकती है। पिंक बूथ महिलाओं की समस्या पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। जिन स्थानों पर रात में महिलाओं को पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था का अभाव लगे उसकी जानकारी सिविल सोसायटी पुलिस अधिकारियों या नगर निगम अधिकारियों को दे सकते हैं। सीधे पुलिस आफिस में मुझसे भी बता सकती हैं। निगम से बात कर शीघ्र प्रकाश व्यवस्था कराई जाएगी। महिला सुरक्षा को लेकर गाजियाबाद पुलिस बेहद गंभीर है।

-दिनेश कुमार पी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त

नगर निगम की सड़क पर लाइट की व्यवस्था है। अगर कहीं लाइट खराब है तो उसे ठीक कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर नई भी लगवाई जाएगी।

-विक्रमादित्य सिंह मलिक, नगर आयुक्त।