गाजियाबाद, जागरण संवाददाता। गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले बुधवार की सुबह पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर बम होने की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आनन-फानन में डाग व बम स्क्वाड के साथ पहुंचकर तलाशी ली, पर बम नहीं मिला। फर्जी सूचना के आधार पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह घरेलू कलह के चलते तनाव में है और जेल जाना चाहता है। इसके चलते उसने पुलिस को बम की फर्जी सूचना दी थी।

मामले को लेकर पुलिस ने क्या कहा?

एसीपी कोतवाली अंशु जैन का कहना है कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे पुलिस कंट्रोल रूम पर एक युवक ने सूचना दी थी कि उसने पुराना गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर बम फिट कर दिया है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया तो बम नहीं मिला, सूचना फर्जी निकली। पुलिस ने मोबाइल नंबर ट्रेस कर आरोपित को दबोच लिया। एसीपी का कहना है कि पकड़ा गया आरोपित इटावा के कायस्थ टोला के करनपुर का हर्षित दीक्षित है।

मानसिक तनाव के चलते उठाया यह कदम

पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने परिवार की मर्जी के विपरीत पांच साल पूर्व दूसरे धर्म की युवती से शादी कर ली थी। इसके बाद परिवार ने उसे अलग कर दिया था। इसके बाद वह पत्नी के साथ दिल्ली आकर रहने लगा और एक मैरिज होम में मैनेजर की नौकरी करने लगा। शादी के कुछ समय बाद पत्नी छोड़कर चली गई और वह तनाव में रहने लगा। परिवार ने भी इटावा के मकान में प्रवेश नहीं दिया।

तनाव के चलते उसने दो दिन पहले नौकरी भी छोड़ दी थी। मानसिक तनाव के कारण वह जेल जाना चाहता था। इसके चलते वह बुधवार को ट्रेन से दिल्ली से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन आया और पुलिस को बम की फर्जी सूचना दी। जांच में आया है कि आरोपित पर इटावा में अपहरण का एक मुकदमा दर्ज है।

Edited By: Abhi Malviya

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