नई दिल्ली/गाजियाबाद [अवनीश मिश्र]। दिल्ली-एनसीआर के चारों बॉर्डर (शाहजहांपुर, टीकरी, सिंघु और गाजीपुर) पर जारी किसान का धरना-प्रदर्शन एक ओर जहां फीका पड़ता जा रहा है, वहीं किसानों की शर्मनाक करतूत आंदोलन की छवि को जबरदस्त नुकसान पहुंचा रही है। ताजा मामले में दिल्ली से सटे यूपी गेट पर चल रहे कृषि कानून विरोधी धरने में शामिल प्रदर्शनकारियों ने रविवार सुबह शर्मनाक करतूत की।

जागरण संवाददाता से मिली जानकारी के मुताबिक, किसान प्रदर्शनकारियों ने रविवार सुबह गाजियाबाद के इंदिरापुरम, कौशांबी और वैशाली की सड़कों पर जमकर हुड़दंग मचाया। इस दौरान तेज गति में ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर निकले प्रदर्शनकारियों ने स्टंट भी किया। स्टंट के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आगे के दोनों पहिये उठाकर ट्रैक्टर चलाया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन भी मूकदर्शक बना रहा। रविवार को छुट्टी का दिन होने से सड़कों पर भीड़ नहीं थी वरना किसान इस तरह की करतूत से सड़क हादसा भी हो सकता था। पता चला है कि हुड़दंग और स्टंट करने वाले किसान प्रदर्शनकारी राकेश टिकैत की अगुवाई में यूपी गेट पर चल रहे धरने से जुड़े हैं।

यूपी गेट पर सिर्फ गिनती के प्रदर्शनकारी

वहीं, तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में 28 नवंबर से यूपी गेट पर चल रहा धरना रविवार को भी जारी है, लेकिन यहां से पुरानी रौनक गायब है। यहां पर कहने भर को किसान प्रदर्शनकारी है। यहां पर किसान प्रदर्शनकारियों की संख्या अंगुलियों पर गिनी जा सकती है। 

उधर, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आंदोलन को और तेज करने का एलान किया। शनिवार को राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 

जुलाई में दो ट्रैक्टर मार्च

इस मौके पर राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश में मंडलवार बैठकें की जाएंगी। जुलाई में दो ट्रैक्टर मार्च निकलेगा। नौ जुलाई को शामली से ट्रैक्टर मार्च निकलेगा जो बागपत होते हुए सिंघु बार्डर दिल्ली जाएगा। 24 जुलाई को बिजनौर से ट्रैक्टर मार्च निकलेगा। यह मार्च मेरठ में रात्रि विश्राम के बाद 25 जुलाई को यहां पहुंचेगा। इस दौरान युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष गौरव टिकैत, राष्ट्रीय प्रेस मीडिया प्रभारी शमशेर राणा, धर्मेद्र मलिक, राजवीर जादौन, विपिन बालियान आदि मौजूद रहे।

Edited By: Jp Yadav