यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गाजियाबाद में भगवान शिव के नाम का एक अनोखा मंदिर, वेद-शास्त्रों में भी नहीं है इस नाम का जिक्र, पढ़िए पूरी खबर
48 साल पहले रेलवे कॉलोनी के बीच बने मंदिर की पहचान के लिए रेलवेश्वर महादेव नाम रखा गया हैं। मंदिर ...और पढ़ें

गाजियाबाद, आनलाइन डेस्क। भगवान भोलेनाथ के महादेव, शंकर,शम्भू, आशुतोष, नीलकंठ, श्रीकंठ, भस्माधार, श्मशानवासी जैसे अनेकों नाम आपने वेदशास्त्रों में पढे़ और सुने होंगे। लेकिन गाजियाबाद के विजय नगर सेक्टर-9 के रेलवे सैन कॉलोनी में भगवान भोलेनाथ के मंदिर का एक अनोखा नाम सामने आया है। यहां रेलेश्वर महादेव नाम का शिव मंदिर है। हालांकि भगवान भोलेनाथ के इस नाम का उल्लेख वेदशास्त्रों में नहीं मिलता है। यहां लोगों ने स्वेच्छा से ही भगवान भोलेनाथ का रेलेश्वर महादेव नाम रख दिया।
करीब 48 साल पहले रेलवे कॉलोनी के बीच बने मंदिर की पहचान के लिए रेलवेश्वर महादेव नाम रखा गया हैं। मंदिर के महंत ने बताया कि भगवान को किसी भी नाम से पुकारा जा सकता है। ईश्वर तो संसार का आधार है। महंत ने बताया कि लोकेशन के आधार पर मंदिर का नाम रखा गया है। उस समय मंदिर के आसपास एक कॉलोनी व चारों तरफ जंगल था और पहचान के लिए दूर-दूर तक कुछ भी दिखाई नहीं देता था।
मंदिर में रहती है श्रद्धालुओं की भीड़
मंदिर के मंहत ने बताया कि 40 साल पुराना मंदिर है और आसपास इसकी काफी मान्यता है। रोजाना सुबह व शाम के समय पूजा अर्चना करने वाले लोगों की काफी भीड़ रहती है। सावन व फाल्गुन में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना के लिए विशेष आयोजन किए जाते हैं। यज्ञ व विशाल भंडारा किया जाता है। आसपास के लोगों ने बताया कि अब मंदिर आबादी के बीच आ गया है और इसकी काफी मान्यता है।
मंदिर प्रांगण में चलता है अखाड़ा
महंत ने बताया कि मंदिर प्रांगण में अखाड़ा भी चलता है। श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा से महंत जुडे़ है और दूर-दूर से संत-महात्मा भी हर साल मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। मंदिर समिति के लोगों का कहना है कि मंदिर प्रांगण में हर साल 14 जनवरी को भी बड़े स्तर पर भंडारे का आयोजन किया जाता है। सैकड़ों की तादात में लोग मंदिर समिति से जुडे़ हुए हैं।
