जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : मासिक धर्म लगभग 35-40 साल तक के लिए हर महिला के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। महिलाएं पहले माहवारी में कपड़े का प्रयोग करती थी फिर नैपकिन आने लगा, लेकिन इस पैड का डिस्पोजल न होने की वजह से इससे कचरे का पहाड़ बनता जा रहा है। ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी का कहना है कि एक महिला अपने जीवन में करीब 150 किलो सेनेटरी नैपकिन का उपयोग करती है जिसकी कीमत करीब 21 हजार रूपये होती है। जो सैकड़ों साल भी नष्ट नहीं हो पाता। गायनी सोसाइटी की ओर से ग्रीन माहवारी के लिए सेनेटरी नैपकिन का ईको फ्रेंडली विकल्प के लिए जागरूक किया जा रहा है। रियूजेबल नैपकिन, मेंस्ट्रुअल कप बेहतर विकल्प

डॉ. अल्पना कंसल ने बताया कि कचरे के ढेरों को बढ़ने से रोकने के लिए दो नए विकल्प भी बाजार में आ चुके हैं। जिनकी ज्यादातर महिलाओं और किशोरियों के इनके बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि रियूजेबल नैपकिन एक बेहतर विकल्प है। इस नैपकिन को उपयोग के बाद बहुत ही आसान तरीके से एक बार पानी भी डुबोकर ही साफ किया जा सकता है, लेकिन बेहतर सफाई के लिए इसे डिटर्जेंट पाउडर या साबुन से धो सकते हैं। दूसरा विकल्प मेंस्ट्रुअल कप है। जो महिलाओं के बेहतर है, लेकिन शादी से पहले लड़किया इसे उपयोग नहीं करना चाहती हैं और उनके लिए जरूरी भी नहीं कि इसे ही उपयोग करें। आरामदायक, सस्ता और हेल्दी उत्पाद

सचिव डॉ. अंजना सभरवाल ने बताया कि रियूजेबल नैपकिन और मेंस्ट्रुअल कप आरामदायक और हेल्दी और काफी सस्ते उत्पाद है। ये सेनेटरी नैपकिन की अपेक्षा स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए ज्यादा फायदेमंद है। इसके त्वचा को किसी तरह की परेशानी नहीं होती बल्कि गर्मी में तो ज्यादा आरामदायक महसूस होता है। रियूजेबल नैपकिन की कीमत कुल 50 रुपये से शुरू होती है। इसे करीब दो साल तक आराम से उपयोग किया जा सकता है। वहीं मेंस्ट्रुअल कप की शुरूआती कीमत कुल तीन सौ रूपये से शुरू होती है। यह भी तीन साल तक आराम से उपयोग किया जा सकता है। दोनों की उत्पाद ऑनलाइन भी खरीदे जा सकते हैं।

260 गायनी कर रहीं जागरूक

संयोजक डॉ. विनीता मित्तल ने बताया कि गाजियाबाद ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी की ओर से महिलाओं और किशोरियों को ईको फ्रेंडली और स्वास्थ्य के लिए बेहतर उत्पाद के उपयोग के लिए नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र के अलावा हापुड़ में भी जागरूक किया जा रहा है। कुल 260 गायनी कार्यक्रम से जुड़ी हुई है। जागरुकता अभियान के लिए शैक्षणिक संस्थाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 28 मई को मेंस्ट्रुअल हाईजीन डे पर ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम का आोयजन किया जाएगा।

हर किसी के बजट में

कोषाध्यक्ष डॉ. मोनिका केशरवानी ने बताया कि सेनेटरी नैपकिन महंगे पड़ते हैं तो कई महिलाओं के बजट से बाहर होते हैं। वहीं रियूजेबल नैपकिन और मेंस्ट्रुअल कप सेनेटरी नैपकिन के मुकाबले काफी सस्ते हैं जो हर किसी महिला के बजट में हो सकते हैं। एक बार 50 से लेकर चार सौ तक रूपये डालने से सालों के की टेंशन खत्म हो जाएगी।

Posted By: Jagran

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