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गाजियाबाद में लिच्छवी एक्सप्रेस के पहिये में आग लगने से यात्रियों में मची अफरा-तफरी

Published: Fri, 27 Feb 2026 08:25 PM (IST)Updated: Fri, 27 Feb 2026 08:49 PM (IST)

गाजियाबाद में आनंद विहार से बिहार जा रही लिच्छवी एक्सप्रेस (14006) के एक कोच के पहिये में आग लग गई। ...और पढ़ें

HighLights

  1. लिच्छवी एक्सप्रेस के पहिये में लगी आग।

  2. आरपीएफ कांस्टेबलों ने आग देखकर तुरंत सूचना दी।

  3. यात्री घबराए, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। आनंद विहार से बिहार जा रही लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 के सेकंड AC कोच के एक पहिये में आग लग गई। हरनंदी नदी पुल के पास गश्त कर रहे दो कांस्टेबलों ने आग देखी तो गार्ड और कंट्रोल रूम को सूचना दी। ट्रेन को तुरंत गाजियाबाद स्टेशन के आउटर ट्रैक पर रोक दिया गया।

आग बुझा दी गई और आधे घंटे बाद ट्रेन रवाना हो गई। आग लगने के दौरान जब ट्रेन धीमी हुई तो कुछ यात्री घबरा गए और कोच से कूद गए। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ।

थर्ड AC सेकंड कोच के पहिये में लगी आग 

लिच्छवी एक्सप्रेस 14006 दिल्ली से गाजियाबाद जा रही थी। RPF कांस्टेबल राजवीर और कमल हरनंदी पुल के पास गश्त कर रहे थे, तभी उन्होंने थर्ड AC सेकंड कोच के पहिये में आग देखी, जो गार्ड के कोच से निकल रही थी। गार्ड के कोच से लपटें निकल रही थीं। कांस्टेबलों ने गार्ड के साथ मिलकर कंट्रोल रूम को सूचना दी।

ट्रेन को शाम 6:35 बजे आउटर ट्रैक पर रोक दिया गया। RPF इंस्पेक्टर चेतन प्रकाश और दूसरे RPF कर्मी आग बुझाने के उपकरण लेकर मौके पर पहुंचे। जिस कोच के पहिये में आग लगी थी, उससे यात्रियों को बाहर निकाला गया। आग बुझाने का काम शुरू हुआ। जब आग पूरी तरह बुझ गई, तो ट्रेन को प्लेटफॉर्म नंबर एक या दो पर लाया गया।

कैसे लगी आग?

जांच के बाद पता चला कि आग कोच की बाइंडिंग टूटने और ब्रेक शू के फंसने से लगी थी। टेक्निकल टीम ने फंसे हुए ब्रेक शू को ठीक किया। रेलवे अधिकारियों के आइसोलेशन सर्टिफिकेट जारी करने के बाद शाम 7:07 बजे ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया गया। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि हादसे के दौरान कोई दूसरी ट्रेन प्रभावित नहीं हुई।

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