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1 नवंबर से गाजियाबाद के लाखों वाहनों की दिल्ली में नो-एंट्री, लोग बोले- गाड़ियों के इंजन ठीक; फिर प्रतिबंध क्यों?

Published: Sat, 31 Oct 2026 11:40 AM (GMT+05:30)

दिल्ली में 1 नवंबर से बीएस-6 से नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध लगने से गाजियाबाद के लाखों वाहन चालक प्रभावित ...और पढ़ें

1 नवंबर से गाजियाबाद के लाखों वाहनों की दिल्ली में नो-एंट्री। AI जनरेटेड इमेज

1 नवंबर से गाजियाबाद के लाखों वाहनों की दिल्ली में नो-एंट्री। AI जनरेटेड इमेज

HighLights

  1. 1 नवंबर से दिल्ली में बीएस-6 से नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध।

  2. गाजियाबाद के लाखों वाहन चालक होंगे प्रभावित, बढ़ेगी परेशानी।

  3. सार्वजनिक परिवहन पर निर्भरता बढ़ेगी, महंगाई की आशंका।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। 1 नवंबर से दिल्ली में बीएस-6 के मानकों से नीचे के वाहनों पर तीन माह के लिए प्रतिबंध लग जाएगा। गाजियाबाद से लाखों लोग अपने वाहनों से रोजाना दिल्ली जाते हैं।

वहीं, ऐसे में उन वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है, जिनके पास बीएस-4 और उससे नीचे आने वाले वाहन हैं। ऐसे में शहरवासियों का कहना है कि जब उनके वाहनों के इंजन ठीक है तो उन्हें प्रतिबंध के दायरे में क्यों रखा जा रहा है?

गाजियाबाद जिले में से करीब चार लाख बीएस-6 मानक से नीचे के वाहन दिल्ली आते-जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या बीएस-4 श्रेणी के वाहनों की है। शहर के कई लोग रोजाना अपनी कार या बाइक से दिल्ली स्थित कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचते हैं।

कार्यालय मेट्रो स्टेशन से दूर

प्रतिबंध लागू होने के बाद उन्हें सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेना पड़ेगा है। खासकर उन लोगों की परेशानी बढ़ेगी, जिनके कार्यालय मेट्रो स्टेशन से दूर हैं या जिनकी नौकरी में दिनभर अलग-अलग स्थानों पर आना-जाना पड़ता है।

दोपहिया वाहनों के भी प्रतिबंध के दायरे में आने से कम खर्च में सफर करने वाले लोगों के सामने भी मुश्किल खड़ी होगी। हालांकि, इन नए नियमों से दिल्ली में पंजीकृत वाहनों को छूट दी गई है।

2017 में कार ली थी, मेरी कार का इंजन एकदम बेहतर है। दिल्ली जाने में आसानी हो इसलिए कार खरीदी थी, लेकिन प्रतिबंध लागू होने से उन्हें मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ेगा। आखिर प्रदूषण क्या सिर्फ वाहनों से ही फैलता है, उसके लिए और भी तो कारण जिम्मेदार है, उन पर भी तो सरकार को ध्यान देना चाहिए। - गौरव शर्मा, निवासी राजनगर एक्सटेंशन

ऐड एजेंसी के काम में बहुत ज्यादा इधर-उधर जाना पड़ता है, लेकिन सरकार की ये वाहनों को लेकर नई नियमावली केवल परेशान करने का जरिया है। इससे रोजाना आने-जाने में अतिरिक्त समय लगेगा और परेशानी भी बढ़ेगी। प्रदूषण रोकने के लिए कदम उठाना जरूरी है। लेकिन इसके साथ लोगों की सुविधा का भी ख्याल रखना चाहिए। - स्वप्निल, वसुंधरा निवासी

दिल्ली में बीएस-6 से नीचे के डीजल मालवाहक वाहनों पर प्रतिबंध लगाने से गाजियाबाद के करीब 90 प्रतिशत मालवाहक वाहन प्रभावित होंगे। इससे ट्रांसपोर्टरों पर लोन की किस्तों का बोझ बढ़ेगा और चालकों की आजीविका पर संकट आएगा। माल की आपूर्ति प्रभावित होने से महंगाई और कालाबाजारी बढ़ने की आशंका है। - आशीष मैत्रेय, अध्यक्ष, गाजियाबाद महानगर गुड्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन

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