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पंजाब के रेलवे स्टेशनों को धमाकों से दहलाने की थी साजिश, 360 डिग्री वाई-फाई कैमरे से हो रही थी निगरानी

Published: Mon, 16 Mar 2026 09:44 PM (IST)

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की दिल्ली से अमृतसर तक सेना की गतिविधियों पर नजर रखने की साजिश का पर्दाफाश ...और पढ़ें

दिल्ली से अमृतसर तक सेना की गतिविधियों पर नजर रखने की साजिश बेनकाब।

दिल्ली से अमृतसर तक सेना की गतिविधियों पर नजर रखने की साजिश बेनकाब।

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संक्षेप में पढ़ें

आदित्य त्रिपाठी, गाजियाबाद। दिल्ली से अमृतसर तक सेना की गतिविधियों पर नजर रखने की साजिश बेनकाब हुई है। आईएसआई ने दिल्ली से पाकिस्तान के बार्डर तक जाने वाले रेलवे स्टेशनों अंबाला कैंट, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर व अटारी पर सोलर बेस्ड कैमरे लगाने की तैयारी पूरी कर ली थी। अगला नंबर अंबाला कैंट का था।

अंदेशा है कि आईएसआई इन स्टेशनों को बम धमाकों से दहलाने की साजिश रच रही है। वहीं, दिल्ली के सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर भी इसी तरह का कैमरा लगाने की जानकारी मिली है। खुफिया एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं।

पाकिस्तान पर बैठे आइएसआइ के एजेंट कौशांबी थाना क्षेत्र के भोवापुर से गिरफ्तार किए छह आरोपितों में से सुहेल और इरम के सीधे संपर्क में थे। आईएसआई के कहने पर आरोपितों ने पहले दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर सोलर बेस्ड सीसीटीवी कैमरा लगाया था।

इसके बाद आरोपितों ने पाकिस्तान के बार्डर तक जाने वाले रेलवे स्टेशनों का दौरा किया था। कैमरे किस स्थान व दिशा में लगाने यह पाकिस्तान से ही तय किया जा रहा था। आरोपितों ने जहां-जहां कैमरे लगाए उनकी फोटो, वीडियो व लोकेशन पाकिस्तान भेजी थी।

इसके बाद आईएसआई ने स्टेशनों पर उस स्थान को चिह्नित किया था जहां पर आवागमन ज्यादा है और भीड़ एकत्रित होती है। अंदेशा है कि भीड़ के साथ वीआइपी मूवमेंट पर भी आइएसआइ नजर रखना चाहती थी। आरोपितों को चांदनी चौक से कैमरे खरीदने के लिए कहा था। हालांकि, अभी यह पता नहीं चला है कि किस दुकान से कैमरे खरीदे गए थे।

कौशांबी के एक ढाबे पर युवाओं को बरगलाया गया था

आरोपित सुहेल को पाकिस्तान से आदेश मिला था कि वह 16 से 20 वर्ष के युवाओं को लालच देकर ग्रुप में शामिल करे। सुहेल युवाओं को पैसे बांटता था और साथ जोड़ने के लिए बरगलाता था। भोवापुर में देश के विभिन्न राज्यों के लोग किराए पर रहते हैं। यहां पर कामगारों की संख्या भी काफी है।

एक आरोपित राज कौशांबी बस अड्डे के सामने पराठे के ढाबे पर काम करता था। इसी ढाबे के पास भोवापुर के कई अन्य युवक भी काम करते हैं। सुहेल रोज ढाबे पर आकर युवाओं को मोटे पैसे कमाने का लालच देकर जाल में फंसाता था। सुहेल ने गिरफ्त में आए शिवा और राज को भी इसी ढाबे पर बरगलाया था।

स्वजन को नहीं थी जानकारी

आरोपित राज और शिवा के स्वजन ने बताया कि उन्हें बेटों के इस काम के बारे में जानकारी नहीं थी। राज के पिता ने बताया कि बेटा रात में ढाबे पर काम करता था। वह सुहेल के संपर्क में कब आया पता नहीं। वह बेटे से जेल में मिलकर आए हैं। बेटे ने बताया कि पहले वह सुहेल से जुड़ गया था, लेकिन जब उसे पता चला कि वह गलत नीयत से काम करवा रहा है तो उसने दूरी बना ली थी।

सोनीपत में लगे कैमरे की रिकॉर्डिंग रोकने के लिए सफेद कपड़ा बांधा

मंगलवार को दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगे सोलर बेस्ड कैमरे की जांच करेगी। यह कैमरा कई दिन पहले लगाया गया था। आरपीएफ ने कैमरे के आसपास सुरक्षा का घेरा बना दिया है। साथ ही, रिकॉर्डिंग रोकने के लिए उस पर सफेद कपड़ा बांध दिया है। आम लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है।

वहीं, खुफिया कैमरा पकड़ में आते ही सीसीटीवी लगाने वाली एजेंसियों को स्टेशन पर बुलाया गया, लेकिन किसी ने भी इस कैमरे को लगाने की बात स्वीकार नहीं की। सराय रोहिल्ला स्टेशन से भी आरपीएफ अधिकारी सोनीपत पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।

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