जागरण संवाददाता, गाजियाबाद : नगर निगम टैक्स की बकाया राशि का भुगतान न करने वालों की संपत्ति सील करेगा। फिर भी भुगतान नहीं किया तो उसे कुर्क कर लिया जाएगा। इस संबंध में बकाएदारों को नोटिस भेजने शुरू कर दिए गए हैं। नगर निगम की मानें तो लोगों पर करीब 35 करोड़ रुपये की बकायेदारी है।

नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि एडवांस हाउस, सीवर और वाटर टैक्स जमा कराने पर छूट दी जाती है। फिर भी लोग उसका फायदा नहीं उठाते। कई बकाएदार ऐसे हैं, जिन्होंने दस साल से निगम को टैक्स अदा नहीं किया है। कई बार नोटिस देने के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए सीलिग और कुर्की जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि 3134 संपत्तियों का करीब 35 करोड़ रुपये टैक्स बकाया है। इसमें से 13 करोड़ सरकारी विभागों पर शेष है। इन बकाएदारों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे होगी कार्रवाई

टैक्स अदा न करने वालों पर दो तरह से कार्रवाई की जाएगी। पहली प्राथमिकता के तहत खाली संपत्ति को सील किया जाएगा। उस पर मकान बना है और लोग रह रहे हैं तो चल संपत्ति को सील किया जाएगा।

राजनगर एक्सटेंशन के लोगों को देना होगा टैक्स

हाउस टैक्स देने के लिए राजनगर एक्सटेंशन के लोग तैयार नहीं है। नगर निगम स्पष्ट कर दिया है कि निगम की सीमा में बने मकान पर टैक्स देना ही होगा। विरोध के बीच टैक्स वसूली के लिए रणनीति बनाई गई है। निगम अधिकारियों ने बताया कि अधिनियम में उन्हें यह अधिकार दिया गया है। यह सामान्य कर है। जिसके एवज में सुविधाएं देने का प्रावधान नहीं है।

35 करोड़ रुपये के बकाए का भुगतान लोगों ने नहीं किया है। उन्हें नोटिस दिया जा रहा है। पैसा जमा न होने की दशा में संपत्ति को सील और कुर्क किया जाएगा।

- डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी, नगर निगम

Posted By: Jagran

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