गाजियाबाद में वेंडिंग जोन से मिलेगी जाम से मुक्ति, पथ विक्रेताओं को स्थायी जगह
गाजियाबाद नगर निगम ने शहर को जाम मुक्त बनाने और पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित करने की पहल की है। कौशांबी ...और पढ़ें

गाजियाबाद में वेंडिंग जोन से मिलेगी जाम से मुक्ति ( एआई इमेज )
HighLights
नगर निगम की जाम मुक्त शहर बनाने की पहल।
कौशांबी में 100 से अधिक कियोस्क तैयार।
पुराने वेंडरों को कियोस्क आवंटन में प्राथमिकता।
हसीन शाह, गाजियाबाद। नगर निगम ने शहर की सड़कों और चौराहों को यातायात जाम से मुक्ति दिलाने और पथ विक्रेताओं को व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू की है।
नगर निगम मुख्यालय में आयोजित टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के साथ-साथ वेंडरों के स्थायी पुनर्वास की योजना पर निर्णय लिया गया।
दुकानदारों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया जारी
इस योजना के तहत सड़क किनारे ठेले और दुकानें लगाने वालों को बेदखल करने के बजाय वेंडिंग जोन में कियोस्क बनाकर व्यवस्थित किया जाएगा। जिससे शहरवासियों को सुचारू यातायात की सुविधा मिलेगी और वेंडरों की आजीविका भी सुरक्षित रहेगी।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में आयोजित टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में यातायात पुलिस, पार्षद, जोनल प्रभारी और वेंडर प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य फोकस वेंडरों को रोजगार दिलाने और सड़कों पर लगने वाले जाम का स्थायी समाधान निकालने पर रहा।
सड़कों को किया जाएगा जाम मुक्त
नगर निगम का स्पष्ट मानना है कि पथ विक्रेताओं को सुनियोजित स्थान और कियोस्क उपलब्ध कराकर सड़कों और फुटपाथों को जाम मुक्त किया जा सकता है। प्रथम चरण में कौशांबी क्षेत्र में वेंडिंग जोन बनाने का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
यहां लगभग 100 से अधिक कियोस्क तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें जल्द ही पथ विक्रेताओं को आवंटित करने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। कियोस्क आवंटन में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निगम ने निर्णय लिया है कि कौशांबी में वर्षों से कारोबार कर रहे पुराने वेंडरों को पहली प्राथमिकता दी जाएगी।
पुराने वेंडरों की सही पहचान और पारदर्शी चयन के लिए नगर आयुक्त द्वारा एक विशेष सात-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है।
दो दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
इस कमेटी में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार, गाजियाबाद नगर निगम के उपाध्यक्ष व पार्षद प्रवीण चौधरी, परियोजना अधिकारी रजनी सिंह, क्षेत्रीय ट्रैफिक इंस्पेक्टर तथा वेंडर प्रतिनिधि तेजपाल सिंह व प्रदीप शर्मा को शामिल किया गया है।
गठित कमेटी को मात्र दो दिनों के भीतर कौशांबी के वेंडरों का मौके पर भौतिक सत्यापन पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण होते ही प्राथमिकता सूची के आधार पर कियोस्क आवंटन की कार्रवाई शुरू होगी।
कौशांबी के बाद इसी माडल को वसुंधरा जोन समेत नगर निगम के अन्य सभी जोनों में भी लागू किया जाएगा।
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