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अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे तीन लोगों की सड़क हादसे में मौत, गाजियाबाद के एक मकान से उठीं चार अर्थियां

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:12 PM (IST)

गाजियाबाद के दीनदयालपुरी में एक ही मकान में रहने वाले चार लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को सदमें में डाल दिया।

गाजियाबाद के एक मकान में रहने वाले चार लोगों की मौत, जागरण

गाजियाबाद के एक मकान में रहने वाले चार लोगों की मौत, जागरण

HighLights

  1. गाजियाबाद के दीनदयालपुरी में एक ही घर में चार मौतें।

  2. कैंसर पीड़ित के अंतिम संस्कार पर जा रहे तीन की सड़क हादसे में मौत।

  3. मृतकों में दो सगे भाई, सात बच्चे अनाथ, मुआवजे की मांग।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नंदग्राम के दीनदयालपुरी इलाके की गली नंबर 16 में मंगलवार को मातम पसरा हुआ था। एक ही मकान में रहने वाले चार लोगों की मौत से पूरे इलाके में लोग गमगीन है।

मंगलवार तड़के करीब तीन बजे कैंसर से जीते प्रधान की मौत हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार करने के लिए स्वजन, पड़ोसी और उनके कई किराएदार भी ब्रजघाट के लिए निकले।

शव को घाट पर ले जाते वक्त बड़ा हादसा

रास्ते में एक ही बाइक पर जा रहे दो सगे भाई एवं एक अन्य किराएदार की हापुड़ में सड़क हादसे में मौत हो गई। दीनदयालपुरी में मंगलवार को जैसे ही तीन लोगों की हापुड़ में सड़क हादसे में मौत की सूचना मिली वैसे ही कई अन्य लोग हापुड़ के लिए रवाना हो गए। स्थिति यह हो गई कि क्षेत्र में पुरूषों से ज्यादा महिलाएं दिखाई दीं।

हादसे में सगे भाईयों की मौत

हादसे में सगे भाई गोविंद और रवि समेत अन्य किराएदार बृजेश की मौत हुई है। गोविंद बर्फ बेचने का काम करता था जबकि रवि कामगार था। जबकि बृजेश दिल्ली के आनंद विहार में बाइक सर्विस सेंटर पर वाहन धुलाई का काम करता था।

सात बच्चों की कौन करेगा देखभाल? 

बृजेश के पांच बच्चे हैं, जबकि रवि और गोविंद के दो-दो बच्चे हैं। स्थानीय निवासी देवी सिंह के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 10 बजे माेहल्ले से कई वाहनों पर कई लोग जीते प्रधान के शव का अंतिम संस्कार करने बृजघाट के लिए रवाना हुए थे।

जीते प्रधान के किराएदार रवि अपनी बाइक पर भाई गोविंद और अन्य किराएदार बृजेश के साथ रवाना हुए थे।

दोपहर करीब 12 बजे इलाके में हापुड़ में सड़क हादसे की सूचना मिली। स्थानीय पार्षद पति संजय त्यागी का कहना है कि वह मृतकों के आश्रितों के लिए सरकार से उचित मुआवजे की मांग करेंगे। हादसे में मारे गए तीनों युवक बेहद गरीब थे और अपने पीछे छोटे बच्चे छोड़ गए हैं।

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