‘एक घर में 4-4 कारें, इसलिए जाम’, गाजियाबाद के बदतर ट्रैफिक पर मेयर का अजीब तर्क; लोगों ने उठाए सवाल
गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम का कारण लोगों के बढ़ते जीवन स्तर और प्रति ...और पढ़ें

रामलीला मैदान स्थित जानकी भवन में कार्यक्रम के दौरान मेयर सुनीता दयाल और विधायक संजीव शर्मा। वीडियो ग्रैब
HighLights
महापौर ने जाम का कारण बढ़ते वाहन बताए
लोगों ने अतिक्रमण और प्रबंधन पर सवाल उठाए
NH-9 और GT रोड पर रोज जाम
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। गाजियाबाद में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम पर मेयर सुनीता दयाल का अजीब बयान विवाद खड़ा कर गया है। मेयर ने जाम की समस्या की वजह शहर के लोगों का बढ़ता जीवन स्तर बता दिया है। उनका कहना है कि अब एक-एक घर में चार-चार कार हो गई हैं, इसलिए सड़कों पर दबाव बढ़ गया है।
बुधवार को कविनगर के रामलीला मैदान स्थित जानकी भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब उनसे शहर में बढ़ते जाम को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि पहले एक घर में एक गाड़ी होती थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। कई घरों में चार-चार कारें हैं, ऐसे में ट्रैफिक बढ़ना स्वाभाविक है।
महापौर ने यह भी कहा कि सड़कों का चौड़ीकरण उतना ही किया जा सकता है जितनी जगह उपलब्ध है। लोगों के मकान तोड़कर सड़कों को चौड़ा करना संभव नहीं है।
अतिक्रमण और ट्रैफिक प्रबंधन पर उठे सवाल
मेयर के इस बयान के बाद शहर में ट्रैफिक प्रबंधन और अतिक्रमण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की कई मुख्य सड़कों का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की वजह से संकरा हो गया है। फुटपाथों और सड़कों के किनारे अवैध कब्जे होने से यातायात और ज्यादा बाधित होता है।
लोगों का कहना है कि ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करना और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराना प्रशासन, नगर निगम और विकास प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। ऐसे में जाम के लिए केवल लोगों के बढ़ते वाहन जिम्मेदार बताना समस्या के दूसरे पहलुओं से ध्यान हटाने जैसा है।
एनएच-9 और जीटी रोड पर रोजाना जाम
शहर में रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। नोएडा में काम करने वाले लोगों को सुबह नेशनल 9 पर भारी जाम का सामना करना पड़ता है, वहीं मोहननगर के रास्ते दिल्ली जाने वाले लोगों को जीटी रोड पर भी लंबी कतारों में फंसना पड़ता है।
हाउस टैक्स पर भी दिया बयान
कार्यक्रम के दौरान हाउस टैक्स को लेकर पूछे गए सवाल पर महापौर ने दोहराया कि बढ़ा हुआ हाउस टैक्स लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम अधिकारियों को बढ़ी हुई दर पर बिल जारी करने से रोक दिया गया है। हालांकि, यह भी सामने आया कि कई जगहों पर बढ़ी हुई दर के बिल पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
