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गाजियाबाद में खुलेगा प्रदेश का पहला एआई अल्ट्रासाउंड केंद्र, गर्भवती महिलाओं को मिलेगा लाभ

Published: Thu, 12 Mar 2026 06:27 AM (IST)

गाजियाबाद में प्रदेश का पहला एआई आधारित अल्ट्रासाउंड केंद्र जिला महिला अस्पताल में खुलेगा। यह केंद्र गर्भवती महिलाओं में प्रसव ...और पढ़ें

यूपी का पहला एआई आधारित अल्ट्रासाउंड केंद्र गाजियाबाद में खुलेगा।

यूपी का पहला एआई आधारित अल्ट्रासाउंड केंद्र गाजियाबाद में खुलेगा।

HighLights

  1. प्रदेश का पहला एआई अल्ट्रासाउंड केंद्र गाजियाबाद में।

  2. मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने में सहायक होगा यह केंद्र।

  3. गर्भवती महिलाओं को मिलेगी नि:शुल्क रेडियोलॉजी सेवाएं।

मदन पांचाल, गाजियाबाद। प्रदेश का पहला एआई आधारित अल्ट्रासाउंड केंद्र गाजियाबाद में खुलेगा। अत्याधुनिक मेडिकल संसाधनों से युक्त यह सेंटर जिला महिला अस्पताल में चालू होगा। इस केंद्र के माध्यम से प्रसव को आने वाली गर्भवती महिलाओं में प्रसव के दौरान संबंधित जटिलताओं की पहचान तथा उपयुक्त चिकित्सकीय निर्णय (सामान्य प्रसव, सिजेरियन,रेफर) लेने के लिए नि:शुल्क एआई (आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस)आधारित हब एंड स्पोक केंद्र के रूप में रेडियोलॉजी सेवाएं उपलब्ध कराई जायेंगी।

खासकर गर्भ में पल रहे बच्चे की सहीं स्थिति का पता लगाने को अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जायेगा। जिला स्वास्थ्य समिति ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस केंद्र को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चालू किया जायेगा। सफल होने पर पूरे प्रदेश में केंद्र खोलने की योजना है। इस केंद्र को खोलने का उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर कम करना है।

रेडियोलॉजिस्ट एवं जिला महिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अभिषेक त्रिपाठी का कहना है कि सीएमओ और सीडीओ की पहल पर खुलने जा रहे एआई आधारित यह सेंटर का गर्भवती महिलाओं की सेहत के लिये लाभकारी होगा। वर्तमान में रोज 60 से 70 गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। जिले के 85 प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर ई-रूपी योजना के तहत गर्भवती का निश्शुल्क अल्ट्रासाउंड करने की योजना भी संचालित की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर एक नजर

- वर्ष 2025 में 28 महिलाओं की मृत्यु प्रसव के दौरान अथवा बाद में हुई।
- चालू वर्ष में अब तक 14 महिलाओं की मृत्यु प्रसव के दौरान अथवा बाद में हो चुकी है।
- सीएचसी और समुदाय आधारित डैथ आडिट होने के बाद कारण का अता-पता नहीं।
- वर्तमान में तीन हजार से अधिक गर्भवती एचआरपी(हाई रिस्क प्रिग्नेंसी) का इलाज चल रहा है
- एसएनसीयू में पिछले वर्ष 31 और इस वर्ष में अब तक 29 नवजात की मौत हो चुकी है।

जिला महिला अस्पताल में एआई आधारित अल्ट्रासाउंड केंद्र खोलने की योजना है। जिला स्वास्थ्य समिति ने इस योजना को हरी झंड़ी दे दी है। अगले 15 दिन में इस केंद्र को स्थापित करने के क्रम में आवश्यक मेडिकल उपकरण लगाने को संबंधित को निर्देशित कर दिया गया है। चालू होने के बाद इस पायल प्रोजेक्ट को तीन महीने तक चिकित्सकों की निगरानी में संचालित किया जायेगा। समीक्षा करने पर इसके परिणाम बेहतर आने पर शासन को इसकी रिपोर्ट इस उद्देश्य के साथ भेजी जायेगी कि ऐसे केंद्र अन्य जिलों में भी खोले जा सकते हैं। ऐसे केंद्रों के खुलने से मातृ मृत्यु और शिशु मृत्यु दर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। - ड़ॉ. अखिलेश मोहन, सीएमओ

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