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Exclusive: ऑपरेशन सिंदूर के बाद तेजी से फैलाया जासूसी जाल, नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर जोड़े एजेंट

Published: Tue, 17 Mar 2026 02:06 AM (IST)

गाजियाबाद में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े हैंडलर शामिल हैं।

HighLights

  1. हर फोटो और वीडियो पर मिलता था भुगतान, एक व्यक्ति कई लोगों को जोड़कर फैला रहा था नेटवर्क

  2. लद्दाख से जम्मू तक संवेदनशील ठिकानों की लोकेशन जुटाने की आशंका, चार और संदिग्ध रडार पर

विनीत कुमार, गाजियाबाद। कौशांबी क्षेत्र से पकड़े गए जासूसी नेटवर्क की जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार बीते वर्ष आतंक के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर और भारतीय सेना की आक्रामक रणनीति ने पाकिस्तानी आतंकियो के होश उड़ा दिए। इसके बाद पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने देश के सामरिक और संवेदनशील ठिकानों की सटीक जानकारी जुटाने के लिए तेजी से जासूसी नेटवर्क फैलाना शुरू कर दिया।

जासूसी के लिए युवाओं को कैसे फंसाते थे?

जासूसी के लिए आम आदमी को रुपयों का लालच देकर एजेंट बनाया गया। इसके लिए नेटवर्क मार्केटिंग की तर्ज पर युवाओं को जोड़कर देशभर से महत्वपूर्ण स्थानों की फोटो-वीडियो और लोकेशन जुटाई जा रही थीं। इसके बदले में उन्हें प्रति फोटो एवं प्रति वीडियो भुगतान भी किया जा रहा था।

एक व्यक्ति को अपने नीचे अन्य लोग जोड़ने के लिए कहा गया जो फोटो और वीडियो भेज सकें। रुपयों के लालच में लोग जुड़ते गए। कई शहरों के 100 से ज्यादा लोग आतंकियों के इस नेटवर्क में जुड़ चुके हैं। कौशांबी थाना पुलिस ने शनिवार को भोवापुर क्षेत्र से छह लोगों को गिरफ्तार किया था।

फोटो और वीडियो के बदले मिलते थे पैसे

पुलिस के अनुसार आरोपितों के पास से आठ मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों की तैनाती वाले स्थानों और अन्य संवेदनशील इलाकों की फोटो और वीडियो मिले हैं। साथ ही विदेशी नंबरों से हुई चैट भी सामने आई है।

सूत्रों के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क का संचालन नेटवर्क मार्केटिंग की तरह किया जा रहा था। एक व्यक्ति कई अन्य लोगों को जोड़ता था और उन्हें संवेदनशील स्थानों के फोटो-वीडियो और लोकेशन जुटाने के लिए प्रेरित करता था। इसके बदले प्रत्येक फोटो या वीडियो पर भुगतान किया जाता था।

पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में था सुहेल मलिक

जांच एजेंसियां अब कई बैंक खातों की भी पड़ताल कर रही हैं, जिनमें इस काम के बदले रकम भेजे जाने की आशंका है। सूत्रों का कहना है कि मुख्य आरोपित बिजनौर के नहटौर निवासी 23 वर्षीय सुहेल मलिक कथित तौर पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के संपर्क में था। हैंडलर खुद सुहेल को अपना नाम सरदार बताकर बात कर रहा था, लेकिन पुलिस मान रही है कि वह पाकिस्तान में बैठा आतंकी है।

ISI (3)

आईएसआई को खुफिया जानकारी देने के आरोप में छह गिरफ्तार।

सुहेल के माध्यम से देशभर के सामरिक और संवेदनशील ठिकानों के जीपीएस कोआर्डिनेट यानी सटीक लोकेशन पाकिस्तान भेजी जा रही थीं। आशंका है कि यह जानकारी वहां बैठे आतंकी संगठनों के साथ ही आईएसआई तक भी पहुंच रही थी।

पुलिस चार संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस और अन्य एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि देश में इस जासूसी तंत्र में कितने लोग सक्रिय थे।

वॉट्सएप ग्रुप के जरिए जोड़े जा रहे थे एजेंट

जांच में यह भी सामने आया है कि दीन-ए-इलाही नाम से एक वॉट्सएप ग्रुप बनाकर कई लोगों को जोड़ा गया था। इस ग्रुप के माध्यम से संवेदनशील जानकारी साझा की जाती थी और नए लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास किया जाता था। एक महिला आरोपित भी इस ग्रुप के जरिए कई लोगों को जोड़ने में सक्रिय बताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार सुहेल लद्दाख और जम्मू जैसे संवेदनशील क्षेत्रों तक भी गया था और वहां से फोटो व वीडियो बनाकर भेजे। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि देश के किन-किन हिस्सों से इस तरह की जानकारी एकत्र की गई।

एसआईटी करेगी मामले की जांच

विदेश में बैठे संदिग्ध लोगों को संवेदनशील फोटो-वीडियो भेजे जाने के मामले की जांच के लिए 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इसमें एसीपी इंदिरापुरम, थाना कौशांबी प्रभारी समेत कुल 11 अधिकारी शामिल हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राज करन नैयर ने बताया कि मामले की गहन जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है और सभी तकनीकी साक्ष्यों की जांच कराई जा रही है।

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