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रिचार्ज का झंझट खत्म! गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर फिर से हुए पोस्टपेड, हर महीने की 10 तारीख तक आएगा बिल

Published: Sun, 10 May 2026 09:48 PM (GMT+05:30)

गाजियाबाद में हजारों उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड में बदल गए हैं, जिससे उन्हें रिचार्ज की अनिवार्यता और बिजली कटने की समस्या से बड़ी राहत मिली है।

गाजियाबाद में हजारों उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड में बदल गए हैं। इमेज एआई

गाजियाबाद में हजारों उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड में बदल गए हैं। इमेज एआई

HighLights

  1. स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब पोस्टपेड में बदले गए।

  2. उपभोक्ताओं को रिचार्ज की अनिवार्यता से मिली मुक्ति।

  3. हर महीने 10 तारीख तक मिलेगा बिजली बिल।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। आपका स्मार्ट प्रीपेड मीटर पोस्टपेड हो गया है, आपका बिल हर महीने की 10 तारीख तक आएगा… यह संदेश रविवार को जिले के हजारों उपभोक्ताओं के मोबाइल पर पहुंचा। संदेश मिलते ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर हो रही परेशानियों से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने लगी है।

अब निगेटिव बैलेंस होने पर भी बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी।जिले में कुल 11.88 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब ढाई लाख उपभोक्ताओं के यहां लगे स्मार्ट मीटरों को पहले पोस्टपेड से प्रीपेड में परिवर्तित कर दिया गया था। प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद रिचार्ज न होने पर तत्काल बिजली कटने की समस्या से उपभोक्ता जूझ रहे थे।

इसे लेकर पूरे प्रदेश में विरोध भी हुआ। विरोध के बाद सरकार ने निर्णय लेते हुए सभी प्रीपेड किए गए स्मार्ट मीटरों को पुनः पोस्टपेड करने का आदेश जारी किया। आदेश के अनुपालन में विद्युत निगम ने बैकएंड से स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जोन-एक के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अब उपभोक्ताओं को हर महीने की 10 तारीख तक नियमित बिल प्राप्त होगा, जिसे निर्धारित समयावधि में जमा करना होगा। इससे रिचार्ज की अनिवार्यता समाप्त हो गई है और उपभोक्ता बिना किसी मानसिक दबाव के बिजली का उपयोग कर सकेंगे।

उपभोक्ताओं को मिली राहत

प्रीपेड व्यवस्था में कई बार तकनीकी गड़बड़ी, सर्वर समस्या या रिचार्ज में देरी के कारण भी बिजली आपूर्ति बाधित हो रही थी। अब पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने से ऐसी समस्याओं से निजात मिलेगी।

बिना सूचना पोस्टपेड से प्रीपेड किए स्मार्ट मीटर

जिले में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटरों को बिना पूर्व सूचना पोस्टपेड से प्रीपेड मोड में परिवर्तित कर दिया गया था। उपभोक्ताओं को न तो लिखित सूचना दी गई और न ही किसी प्रकार की सहमति ली गई। अचानक मीटर प्रीपेड होने के कारण रिचार्ज अनिवार्य हो गया और बैलेंस समाप्त होते ही बिजली आपूर्ति बाधित होने लगी।

बिल न आने पर 1912 पर करें शिकायत

यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिजली बिल प्राप्त नहीं होता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। जिन उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर आरएमएस पोर्टल में दर्ज नहीं है या गलत दर्ज है, वे व्हाट्सएप सेवा अथवा 1912 पर काल कर अपनी संयोजन संख्या बताकर बिल की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

बकाया जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा

विद्युत निगम ने 30 अप्रैल तक के बकाये बिल के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को किस्तों में राहत देने की व्यवस्था की है। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता अपने बकाये को 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे।

वहीं अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने के लिए तीन किस्तों का विकल्प दिया गया है, जिसमें 40 प्रतिशत, 30 प्रतिशत और 30 प्रतिशत राशि क्रमशः जमा करनी होगी। इससे उपभोक्ताओं पर एकमुश्त भुगतान का बोझ कम होगा और वे सुविधानुसार बकाया जमा कर सकेंगे।

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