गाजियाबाद: स्मार्ट मीटर तेज चलने का भ्रम होगा दूर, घर-घर जाकर पुराने और नए मीटर की रीडिंग मिला रहा विद्युत निगम
गाजियाबाद में स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड से पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। विद्युत निगम स्मार्ट मीटर तेज चलने ...और पढ़ें

गाजियाबाद में स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड से पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित किया गया है। इमेज एआई
HighLights
स्मार्ट मीटर प्रीपेड से पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित हुए।
चेक मीटरों से रीडिंग मिलान कर भ्रांति दूर की जा रही।
अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ाना है।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड से पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित कर दिया गया है। विद्युत निगम द्वारा स्मार्ट मीटर स्थापना के दौरान करीब पांच प्रतिशत पुराने मीटरों को उपभोक्ताओं के यहां चेक मीटर के रूप में छोड़ा गया था, ताकि भविष्य में दोनों मीटरों की रीडिंग का मिलान किया जा सके।
शासन स्तर से सोमवार को प्रदेशभर में विशेष अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग को लेकर उनकी राय जानी जा रही है।
इस अभियान का उद्देश्य स्मार्ट मीटर तेज चलने की भ्रांतियों को दूर करना भी है। विद्युत कर्मी घर-घर पहुंचकर उपभोक्ताओं को समझा रहे हैं कि स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग में कोई अंतर नहीं है और दोनों मीटरों की खपत की जानकारी मिलान कर उपभोक्ताओं को संतुष्ट कर रहे हैं। जिससे उपभोक्ताओं के मन में बनी शंकाओं का समाधान किया जा रहा है।
जिले में 10 हजार से अधिक चेक मीटर लगाए गए थे। इन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर और चेक मीटर दोनों साथ संचालित हैं, जिससे वास्तविक खपत की सटीक तुलना संभव हो रही है। जोन-प्रथम में करीब साढ़े पांच हजार, जोन-द्वितीय में तीन हजार और जोन-तृतीय में 1696 चेक मीटर लगाए गए थे।
सोमवार को जोन-प्रथम में 150, जोन-द्वितीय में 120 और जोन-तृतीय में 45 मीटरों की जांच कर रीडिंग का मिलान किया गया। जोन-प्रथम के मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि शासन के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं में स्मार्ट मीटर प्रणाली के प्रति विश्वास बढ़ सके।
