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गाजियाबाद की कनावनी झुग्गियों में बिजली के नाम पर बड़ा खेल, हर महीने 2000 रुपये की अवैध वसूली

Published: Tue, 21 Apr 2026 10:07 PM (IST)

इंदिरापुरम की कनावनी झुग्गियों में बिजली के नाम पर हर महीने ₹2000 की अवैध वसूली की जा रही है। भुगतान ...और पढ़ें

इंदिरापुरम की कनावनी झुग्गियों में बिजली के नाम पर हर महीने ₹2000 की अवैध वसूली की जा रही है। इमेज एआई

इंदिरापुरम की कनावनी झुग्गियों में बिजली के नाम पर हर महीने ₹2000 की अवैध वसूली की जा रही है। इमेज एआई

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। विद्युत निगम की तरह इंदिरापुरम स्थित कनावनी की झुग्गियों से हर माह वसूली का बड़ा खेल चल रहा है। झुग्गियों से बिजली की एवज में वसूली के लिए तारीख भी निर्धारित की गई है। अगर कोई माह की 10 तारीख तक दो हजार रुपये नहीं देता तो बिजली काट दी जाती है।

अगर कोई दो-चार दिन देरी से रुपये देने की बात कहता है तो उस पर जुर्माना भी लगाया जाता है। ये सभी बातें झुग्गियों में रहने वाले लोगों ने नाम न लिखने की शर्त पर बताई हैं।

झुग्गियों में रहने वाले बिहार के दरभंगा निवासी ने बताया कि जनवरी में उनका 11 वर्षीय बेटा बीमार हो गया था। उसे डाक्टर को दिखाने और देखरेख करने के दौरान काम भी छोड़ दिया था। इससे आर्थिक स्थिति और खराब हो गई। इस दौरान जब बिजली देने वाले दो हजार रुपये लेने के लिए आए तो वह दे नहीं पाए।

इस पर उनकी झुग्गी की लाइट काट दी गई। दो दिन तक बिना बिजली के रहे। बिन बिजली के परेशान होकर उन लोगों के पास जाकर हाथ जोड़े तो उन्होंने जुर्माना देने की शर्त पर बिजली देने की बात कही। साथ ही करीब एक सप्ताह के अंदर रुपये देने के लिए कहा।

इस पर उन्होंने दो हजार के बजाय 2500 रुपये दिए। इसी तरह मूलरूप से बंगाल के रहने वाले 65 वर्षीय बुजुर्ग दंपति ने बताया कि वह कबाड़ा बीन कर किसी तरह गुजारा करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब तीन साल में उनकी झुग्गी की बिजली भी कई बार काटी गई है। एक दिन भी रुपये देरी से देने पर तार हटा देते हैं। विरोध करने झुग्गियों से निकालने और मारपीट करने की धमकी देते हैं। दरअसल यह पूरा खेल विद्युत निगम के अधिकारी व कर्मी कुछ स्थानीय लोगों के साथ मिलकर कर रहे हैं।

झुग्गियों को ब्लाक वार बांटकर होती है वसूली 

बिजली बेचने वालों ने झुग्गियों को ब्लाक वार बांट रखा है। हर ब्लाक में 20 से 30 झुग्गियों को रखा गया है। यहां से रुपये वसूलने की जिम्मेदारी भी झुग्गियों में रहने वाले लोगों को ही दे रखी है। जब हर झुग्गी से 10 तारीख तक वसूली हो जाती है तो ये लोग रुपये लेने के लिए पहुंचते हैं। जो रुपये नहीं देते उनकी बिजली काट देते हैं।

ये है पूरा मामला 

कनावनी की करीब 1500 से अधिक झुग्गियों में सीधे एलटी लाइन और ट्रांसफार्मर पर तार डालने के साथ ही तीन से चार मीटरों से अवैध तरीके से बिजली बेचने का यह खेल चल रहा था और चल भी रहा है। यानी जो झुग्गियां जल गई हैं उनमें चल रहा था। बाकी बची हुई में अभी भी चल रहा है। झुग्गियों में रहने वालों से हर माह करीब 30 लाख की अवैध वसूली की जा रही है। यह खेल बीते पांच वर्ष से लगातार चल रहा है। मामले में दो सदस्यीय कमेटी जांच कर रही है। जिसकी रिपोर्ट 24 अप्रैल तक मुख्य अभियंता और मुख्यालय को भेजी जानी है।

झुग्गियों में बिजली बेचने के मामले में जांच जारी है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से कड़े आदेश हैं।
-अखिलेश सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम।

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