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गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट की गाड़ी पटरी से उतरी, रोजाना हजारों यात्री हो रहे परेशान

Published: Sun, 10 May 2026 05:38 PM (IST)

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य में धीमी गति से यात्री परेशान हैं, तीन साल में 30% से भी कम ...और पढ़ें

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में चल रहा निर्माण कार्य। जागरण

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन परिसर में चल रहा निर्माण कार्य। जागरण

HighLights

  1. गाजियाबाद स्टेशन पुनर्विकास कार्य तीन साल में 30% ही पूरा।

  2. परियोजना की समय सीमा बढ़कर जनवरी 2027 हुई।

  3. भुगतान में देरी के कारण निर्माण कार्य धीमा।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन के निर्माण कार्य की गति इतनी धीमी है कि पिछले तीन वर्ष से अधिक समय में 30 प्रतिशत भी काम पूरा नहीं हुआ है। जबकि अगस्त 2025 तक यह कार्य पूरा किया जाना था। हालांकि इसकी डेडलाइन जनवरी 2027 कर दी गई है, लेकिन जब तीन वर्ष से अधिक समय में 30 प्रतिशत से भी कम काम हुआ तो एक वर्ष में काम पूरा कैसे होगा।

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन ईस्ट इंडिया कंपनी के समय में बना था। स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह बनाने के लिए वर्ष 2023 में 350 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत पुनर्विकास का काम शुरू किया गया। प्रारंभ में निर्माण कार्य तेजी से हुआ लेकिन वर्तमान में काम की गति बहुत धीमी हो गई है। कई साइट पर तो काम चलने के नाम पर खानापूरी हो रही है।

देरी की वजह नहीं बता पाए जनसंपर्क अधिकारी

निर्माण कार्य में देरी की वजह से यात्रियों को स्टेशन पर पहुंचने के टूटी सड़क से होकर गुजरना पड़ रहा है। निर्माण स्थल पर धूल उड़ती है। टिकट घर से स्टेशन की दूरी अधिक हो गई है। वाहन पार्किंग की समस्या है। रेलवे स्टेशन पर जिन कार्यों को मरम्मत करके ठीक कराया जा सकता था उसे भी निर्माण कार्य के चलते नहीं किया रहा है। प्रतिदिन 35 से 40 हजार ये अधिक लोग परेशान हो रहे हैं। स्टेशन के निर्माण में देरी क्यों हो रही इसके बारे में रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अजय माइकल से पूछा गया तो वह कुछ नहीं बता पाए।

इस संबंध में निर्माण एजेंसी के डायरेक्ट सुशील कुमार का कहना है कि रेलवे की ओर से भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। जिस वजह से निर्माण कार्य में देरी हो रही है। 30 से 35 प्रतिशत काम पूरा कर दिया है। निर्माण कार्य पूरा करने की डेडलाइन जनवरी 2027 हो गई है। इससे पहले डेडलाइन बढ़ाकर जनवरी 2026 की गई थी।

स्टेशन पर होना है यह कार्य 

पहले यहां एक स्टेशन बिल्डिंग बनी थी जो काफी पुरानी हो चुकी थी। पुरानी बिल्डिंग को ताेड़ दिया गया है। नई परियोजना के तहत दो स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा। एक बिल्डिंग सिटी साइड और दूसरी बिल्डिंग विजयनगर की साइड बनाई जाएगी। बेसमेंट व ग्राउंड के साथ दो मंजिल बिल्डिंग बनेंगी। बेसमेंट में केवल सर्विसेज होगी। दोनों बिल्डिंग को जोड़ने के लिए 72 मीटर चौड़ा कानकोर्स लेवल बनेगा।

यहां यात्री को प्लेटफार्म पर जाने से पहले बैठ सकेंगे। सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर का पांच मंजिला हास्टल बनेगा। पुराने एफओबी को तोड़ने के बाद चिपियाना की तरफ से आठ मीटर चौड़े नए एफओबी का निर्माण होगा। सभी प्लेटफार्म पर जाने के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और सीढ़ी बनेगी। दो नए इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन व रेलवे स्टाफ के लिए मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनेंगी। प्लेटफार्म को अपग्रेड किया जाएंगे।

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