गाजियाबाद में 35 डिग्री पर ही बिजली व्यवस्था ने तोड़ा दम, 20% फीडर ओवरलोड
गाजियाबाद में 35 डिग्री सेल्सियस तापमान पर ही 20% बिजली फीडर ओवरलोड हो गए हैं, जिससे शहर और गांवों में ...और पढ़ें
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गाजियाबाद में 20 प्रतिशत फीडर ओवरलोड।
HighLights
गाजियाबाद में 35 डिग्री पर 20% बिजली फीडर ओवरलोड।
वितरण स्तर की खामियों से तीन-छह घंटे की कटौती।
गर्मी, उद्योग व पानी की समस्या से लोग परेशान।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। एक तरफ विद्युत निगम के अधिकारी शहर में भरपूर बिजली के दावे कर रहे हैं। इसके लिए 24 घंटे का रोस्टर निर्धारित भी किया गया है। वहीं, दूसरी ओर लोगों के बिन बिजली के पसीने छूट रहे हैं। महज 35 डिग्री सेल्सियस तापमान में ही बिजली व्यवस्था दम तोड़ रही है।
शहर से गांव तक करीब 20 प्रतिशत फीडर ओवरलोड हो गए हैं। इससे छोटे-बड़े फाल्ट होने से लोगों को बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है। अगर यही स्थिति रही तो मार्च के अंत तक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचे से फीडर ओवरलोड की संख्या दोगुनी हो जाएगी। इससे लोगों को अंधाधुंध कटौती झेलनी पड़ेगी।
बुधवार को भी ट्रांस हिंडन के इंदिरापुरम, भोपुरा, लोनी, वैशाली, कौशांबी समेत विभिन्न इलाकों में बिजली कटौती हुई। कहीं तीन घंटे तो कहीं छह घंटे तक बिजली कटौती से जूझना पड़ा।
वहीं, पारेषण विभाग के अधिकारियों दावा है कि उनके पास 3338 एमवीए विद्युत आपूर्ति की क्षमता है। इसके सापेक्ष अभी आधा लोड भी नहीं पहुंचा है। वितरण स्तर से ही फीडरों का लोड कम ज्यादा, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि न होने, जर्जर पोल व लाइनों के कारण हो रहे फॉल्ट आदि के कारण ही कटौती हो रही है। पेश है साहिबाबाद से राहुल कुमार की रिपोर्ट
गर्मी बढ़ने ही 25 प्रतिशत फीडर ओवरलोड
| क्षेत्र | कुल फीडर | ओवरलोड फीडर | ओवरलोड % |
|---|---|---|---|
| देहात | 96 | 24 | 25.0% |
| तहसील | 132 | 28 | 21.2% |
| नगरीय | 447 | 80 | 17.9% |
| औद्योगिक | 91 | 19 | 20.9% |
| कुल | 766 | 151 | 19.7% |
| क्षेत्र | मुख्यालय को दावा की गई आपूर्ति | वास्तविक आपूर्ति (अनुमानित) | फर्जी अंतर (घंटे) | फर्जी % (दावे के आधार पर) |
|---|---|---|---|---|
| शहर | 23:38 घंटे | 19 से 20 घंटे | 3.38 से 4.38 घंटे | 14.1% से 18.3% |
| देहात | 21:07 घंटे | 17 से 18 घंटे | 3.07 से 4.07 घंटे | 14.5% से 19.3% |
| ग्रामीण | 17:07 घंटे | 13 से 14 घंटे | 3.07 से 4.07 घंटे | 17.9% से 23.8% |
| समग्र स्थिति | अधिकतर क्षेत्रों में 3–4+ घंटे की फर्जीवाड़ा | ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा फर्जी प्रतिशत | ||
| दिनांक | फाल्ट की संख्या |
|---|---|
| 10 मार्च | 109 |
| 09 मार्च | 107 |
| 08 मार्च | 90 |
| 07 मार्च | 89 |
| 06 मार्च | 102 |
| 05 मार्च | 108 |
| 04 मार्च | 110 |
| कुल फाल्ट (7 दिन) | 715 |
| औसत प्रतिदिन | 102.14 |
| सबसे कम फाल्ट | 89 (07 मार्च) |
| सबसे ज्यादा फाल्ट | 110 (04 मार्च) |
| दिनांक | खपत (मेगावाट) |
|---|---|
| 10 मार्च | 1410 |
| 09 मार्च | 1340 |
| 08 मार्च | 1359 |
| 07 मार्च | 1429 |
| 06 मार्च | 1320 |
| 05 मार्च | 1290 |
| 04 मार्च | 1409 |
| कुल खपत (7 दिन) | 9557 MW |
| औसत प्रतिदिन | 1365.29 MW |
| सबसे कम खपत | 1290 MW (05 मार्च) |
| सबसे ज्यादा खपत | 1429 MW (07 मार्च) |
बिजली कटौती से ये परेशानियां झेलनी पड़ रहीं
-बिन बिजली गर्मी से बचाव के नहीं चल रहे उपकरण।
-उद्योगों के उत्पादों की लागत में हुई बढ़ोतरी।
-सोसायटी के लोग जेनरेटर से आपूर्ति पर 17 से 30 रुपये प्रति यूनिट चुका रहे।
-लोगों को सुबह में नहीं मिल पाता पानी, दिनभर होती है परेशानी।
-सोसायटियों में बिजली कटने पर लिफ्ट फंसने का रहता है खतरा।
जिन इलाकों में फीडर या ट्रांसफार्मर ओवरलोड की समस्या है उसे दूर करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। फाल्ट भी तुरंत ठीक कराए जाते हैं। रोस्टर के अनुसार बिजली मिले इसके लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। -अखिलेश सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम
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