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गाजियाबाद में बिजली संकट गहराया, 43 प्रतिशत फीडर ओवरलोड से हाहाकार

Published: Mon, 22 Jun 2026 10:38 AM (GMT+05:30)

गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच 43% फीडर ओवरलोड होने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे लाखों लोगों को अंधाधुंध कटौती झेलनी पड़ रही है।

गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच 43% फीडर ओवरलोड होने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। फाइल फोटो

गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच 43% फीडर ओवरलोड होने से बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। फाइल फोटो

HighLights

  1. गाजियाबाद में 43% फीडर ओवरलोड, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है।

  2. शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में भारी बिजली कटौती से लोग परेशान।

  3. विद्युत निगम ओवरलोड फीडरों का लोड कम करने का दावा कर रहा है।

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। भीषण गर्मी में गांव से शहर तक 43 प्रतिशत फीडर ओवरलोड हो रहे हैं। इससे बिजली व्यवस्था चरमरा रही है। सबसे अधिक शहरी क्षेत्र के फीडर करीब 45 प्रतिशत ओवरलोड चल रहे हैं। ओवरलोड के कारण छोटे-बड़े फाल्ट लोगों के लिए आफत बने हुए हैं। इससे शहर के लाखों लोगों को अंधाधुंध बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।

जिले के ग्रामीण, कस्बे और शहरी क्षेत्र में 766 फीडर से बिजली आपूर्ति होती है। इनमें से 307 फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में 447 फीडर से बिजली आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में इनमें से करीब 200 फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। फीडर ओवरलोड होने के कारण कभी लाइन में फॉल्ट तो कभी ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं।

सबसे बड़ी समस्या 33 केवी लाइन फेल होने की हो रही है। वहीं कई फीडर ऐसे भी हैं जिन पर क्षमता के सापेक्ष लोड बहुत कम है। अगर विद्युत निगम समय रहते ओवरलोड फीडरों से उपभोक्ताओं को हटाकर कम लोड वाले फीडरों पर ट्रांसफर कर देता तो ये मुसीबत नहीं झेलनी पड़ती।

गांव के 32 और कस्बों के 35 प्रतिशत फीडर ओवरलोड 

जिले के गांवों में 96 फीडरों से विद्युत आपूर्ति होती है। इनमें से 32 प्रतिशत फीडर ओवरलोड हैं। कस्बों के 132 में से 35 प्रतिशत फीडर ओवरलोड हैं। हालांकि विद्युत निगम फीडर लोड की समस्या को दूर करने के लिए कार्य करने का दावा कर रहा है।

उद्यमियों को झेलना पड़ रहा नुकसान

औद्योगिक क्षेत्रों में 91 फीडर से बिजली आपूर्ति होती है। इन क्षेत्रों के 27 फीडर ओवरलोड चल रहे हैं। इससे फाल्ट के कारण कभी भी बिजली गुल हो जाती है। बिजली कटने पर उद्यमियों का बड़ा नुकसान हो जाता है। उद्यमी अशोक चौधरी ने बताया कि बिजली कटने पर उत्पादन की लागत बढ़ जाती है। क्योंकि जेनरेटर चलाना पड़ता है। कई बार कच्चा माल खराब हो जाता है।

फीडर और ओवरलोड की स्थिति
क्षेत्र कुल फीडर ओवरलोड
देहात 96 33
तहसील 132 46
नगरीय 447 201
औद्योगिक 91 27

रोजाना अंधाधुंध कटौती हो रही है। जब भी शिकायत करते हैं अधिकारी ओवरलोड की समस्या बना देते हैं। स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

-राजेश कुमार यादव, शिक्षा निकेतन सोसायटी, वसुंधरा सेक्टर-पांच

एक तरफ भीषण गर्मी पड़ रही है, दूसरी ओर बिजली कटौती ने परेशान कर रखा है। घर के सभी कार्य भी प्रभावित हो जाते हैं।

-प्रिया भाटी, निवासी, वसुंधरा।

शहर में भी गांवों की तरह बिजली कटौती हो रही है। स्थिति ये है कि घरों में रहना तक मुश्किल हो रहा है। रात में कभी भी बिजली गुल हो जाती है।

-पंकज खंडेलवाल, निवासी, वैशाली।

जिन क्षेत्रों के फीडर ओवरलोड हैं उनका लोड कम किया जा रहा है। उपभोक्ताओं को दूसरे फीडर से जोड़ा जा रहा है। आने वाले दिनों में ये समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

-बृजेश कुमार, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम जोन-तीन।

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