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सिस्टम की सुस्ती या जानबूझकर देरी? गौर ग्रीन एवेन्यू में आग लगने के डेढ़ माह बाद भी नहीं बना दमकल का रास्ता

Published: Mon, 22 Jun 2026 10:31 AM (IST)

इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में आग लगने के डेढ़ महीने बाद भी आपातकालीन मार्ग पेड़ों के कारण बाधित ...और पढ़ें

इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में आग लगने के डेढ़ महीने बाद भी आपातकालीन मार्ग पेड़ों के कारण बाधित है। इमेज एआई

इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में आग लगने के डेढ़ महीने बाद भी आपातकालीन मार्ग पेड़ों के कारण बाधित है। इमेज एआई

HighLights

  1. गौर ग्रीन एवेन्यू में आग के डेढ़ माह बाद भी रास्ता नहीं।

  2. आपातकालीन मार्ग पेड़ों की अनुमति में अटका, प्रशासन पर सवाल।

  3. निवासी चिंतित, बड़े हादसे का डर, जानबूझकर देरी का आरोप।

जितेंद्र सिंह, साहिबाबाद। इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में 29 अप्रैल को आग लगने के डेढ़ महीने बाद भी आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता नहीं बन सका है। दमकल विभाग के रास्ते में स्विमिंग पूल की दीवार के बाधा बनने की शिकायत पर जीडीए ने कुछ निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।

बाकी के निर्माण को एओए को तुड़वाने के लिए बोला। इसके बाद रास्ते में बाधा बन रहे पेड़ों के बहाने आपातकालीन मार्ग बनाने की कवायद रुकी हुई है।

एओए अध्यक्ष कुंजेश परिहार का दावा है कि पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी गई थी। वहां से कहा गया कि नगर निगम से आवेदन आने पर ही अनुमति दी जाएगी।

स्टेट मैनेजर विकास कुमार ने बताया कि 13 मई को नगर निगम को आवेदन किया गया था। जवाब न मिलने पर एक जून को फिर आवेदन किया गया। उसके बाद करीब 10 दिन पहले नगर निगम की टीम ने निरीक्षण किया। नगर निगम से रिपोर्ट वन विभाग को दी गई।

वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को सोसायटी में निरीक्षण किया। उसके बाद पेड़ों को हटाने के लिए अभी तक कोई जानकारी नहीं दी गई। बता दें कि सोसायटी की नौवीं मंजिल के एक फ्लैट में आग लगने के बाद दमकल को रास्ता न मिलने के कारण एक फ्लैट में लगी आग कई फ्लैटों तक पहुंच गई थी।

दमकल विभाग की ओर से रास्ता न मिलने के कारण आग को बुझाने में देरी की बात कही गई। दमकल विभाग ने एओए को नोटिस भी जारी किया गया। निर्माण तो हटा दिया गया लेकिन रास्ते में अभी भी पेड़ बाधा हैं। अध्यक्ष कुंजेश परिहार का कहना है कि रास्ता बनाने के लिए निर्माण को तुड़वाया गया है। पेड़ हटाने के लिए अनुमित को आवेदन किया तो एक सप्ताह पहले वन विभाग की टीम ने सोसायटी में निरीक्षण किया।

इस दौरान रास्ते में आ रहे करीब 10 से 11 पेड़ाें को दूसरी जगह लगाने और जो हट नहीं सकते उन्हें काटने की बाबत बाद में जानकारी देने के लिए अधिकारियों ने कहा था हालांकि अभी तक कोई जवाब न आने के कारण रास्ता तैयार नहीं हो सका है। जबकि कुछ स्थानीय लोग इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते। नाम न छापने की शर्त पर एक निवासी ने बताया कि आपातकालीन सेवाओं के लिए निर्माण कराए जाने में जान-बूझकर देरी की जा रही है।

लोगों का आरोप रास्ता न होने से फिर हो सकता है बड़ा हादसा 

अग्निकांड पीड़ित अशोक कुमार का कहना है कि आग लगने के कारण उनकी जीवनभर की पूंजी लगाकर लिया आशियाना जल गया। लोगों की जान भी जा सकती थी। बावजूद इसके करीब डेढ़ महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।

लोगों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। न तो एओए और न ही प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। वहीं, इस मामले में क्षेत्रीय वन अधिकारी निमी कुचिया का कहना है कि नगर निगम से आवेदन आने के बाद ही अनुमति दी जाएगी। ये एओए को बता दिया गया है।

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