गर्मी, मच्छर और अंधेरा... गाजियाबाद में बिजली संकट से हाहाकार
गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था चरमरा गई, जिससे कई इलाकों में 8-10 घंटे तक बिजली कटौती हुई ...और पढ़ें

गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था चरमरा गई। फाइल फोटो
HighLights
गाजियाबाद में भीषण गर्मी के कारण 8-10 घंटे बिजली कटौती।
1912 पर शिकायतों की बाढ़, कई का नहीं हुआ निस्तारण।
पार्षद ने अधिकारियों से मिलकर बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग की।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। भीषण गर्मी के बीच बृहस्पतिवार को शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अलग-अलग इलाकों में आठ से 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोग बेहाल हो गए। बैटरी बैकअप जवाब देने के बाद लोगों को भीषण गर्मी, मच्छरों और अंधेरे के बीच रात गुजारनी पड़ी।
छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए हालात सबसे ज्यादा मुश्किल रहे। बिजली संकट को लेकर 1912 पर शिकायतों की बाढ़ आ गई, लेकिन हालात इतने खराब रहे कि बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे तक करीब 150 शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका।
सबसे ज्यादा शिकायतें अकबरपुर-बहरामपुर, लाल कुआं और गोविंदपुरम क्षेत्र से दर्ज की गईं।
गोविंदपुरम, आकाशनगर, संजय नगर के जागृति विहार, पटेल नगर, विजय नगर, महेंद्रा एन्क्लेव, नंदग्राम, घूकना, बागु, शास्त्रीनगर, भीमनगर, बम्हेटा और चिपियाना में बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। वहीं राजनगर, कविनगर और राजनगर एक्सटेंशन में भी दिनभर बिजली की आवाजाही बनी रही। लगातार ट्रिपिंग और कटौती से लोगों का गुस्सा बढ़ता गया। बिजली गुल होने पर बड़ी संख्या में लोग छतों और बालकनियों में टहलते नजर आए।
कई परिवार रातभर बिजली आने का इंतजार करते रहे। लोगों का आरोप है कि शिकायत के लिए 1912 और स्थानीय कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिशें भी बेअसर रहीं। बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद समाधान नहीं मिलने से उपभोक्ताओं में बिजली निगम के प्रति भारी नाराजगी है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग अचानक बढ़ने से कई क्षेत्रों में फाल्ट और ट्रिपिंग की समस्या सामना आई। शिकायत मिलने पर टीमों को तुरंत मौके पर भेजकर आपूर्ति बहाल कराई गई।
बिजली संकट के स्थायी समाधान को पार्षद ने उठाया मुद्दा
वार्ड-47 शास्त्री नगर महेंद्रा एन्क्लेव के पार्षद अमित त्यागी ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और लगातार हो रही कटौती की समस्या के समाधान को लेकर अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ओवरलोडिंग, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या उठाते हुए स्थायी समाधान की मांग की।
अधिकारी ने बताया कि शास्त्री नगर-महेंद्रा एन्क्लेव क्षेत्र में ओवरलोडिंग कम करने के लिए करीब 12 नए ट्रांसफार्मर स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए कई स्तर पर कार्य कराए जा रहे हैं। इस दौरान आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि जय चौधरी, जीके कपूर और रजनीश माथुर भी मौजूद रहे।
शिकायत के बाद समाधान न करने की लापरवाही का लगाया आरोप
क्रिस्चियन नगर बागु निवासी अरुण समाजसेवी ने बहरामपुर बिजलीघर के अधिकारियों और कर्मचारियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते जिलाधिकारी को शिकायत भेजी है। शिकायत में कहा गया है कि 20 मई की रात से क्षेत्र की तीन गलियों की बिजली करीब 12 घंटे तक बाधित रही, लेकिन सूचना देने के बावजूद अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आरोप है कि क्षेत्रीय अवर अभियंता ने केवल आश्वासन देकर काल काट दी, जबकि एसडीओ अनिल चौरसिया और कर्मचारी अमित कुमार ने फोन का जवाब नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने अपील की है कि अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन और प्रभावित उपभोक्ताओं को मुआवजा देने की मांग की गई है। चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो बहरामपुर बिजलीघर कार्यालय पर आमरण अनशन और भूख हड़ताल की जाएगी।
