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गाजियाबाद में महिला पुलिसकर्मी ने मकान मालिक के बीमार बेटे के इलाज के 10 लाख रुपये ठगे, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज

By Vinit Edited By: Sachin Jha
Published: Sun, 18 Oct 2026 01:51 PM (IST)

गाजियाबाद में एक महिला पुलिसकर्मी और उसके साथियों पर मकान मालिक के खाते से 10 लाख रुपये धोखाधड़ी से निकालने का आरोप लगा है।

10 लाख रुपये की ठगी (  एआई जेनरेटेड इमेज )

10 लाख रुपये की ठगी ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. महिला पुलिसकर्मी पर 10 लाख रुपये धोखाधड़ी का आरोप।

  2. पीड़ित के बीमार बेटे की इलाज के अभाव में मौत।

  3. कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज।

विनित, गाजियाबाद। वेव सिटी थानाक्षेत्र में एक व्यक्ति ने कोर्ट के आदेश पर एक महिला पुलिसकर्मी समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी से खाते से 10 लाख रुपये निकालने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।

पीड़ित का आरोप है कि महिला पुलिसकर्मी उसके यहां किराए पर रहने आई थी। महिला और उसके पति ने उन्हें झांसे में लेकर मोबाइल लिया और खाते से अपने एवं अन्य लोगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आरोपियों ने निकाल लिए थे 10 लाख रुपये 

डासना निवासी महेश ने कोर्ट में शिकायत देकर बताया कि उनके यहां इंदरगढ़ी निवासी दिव्या उर्फ रुचि अपने पति विकास उर्फ निक्की के साथ आई थी। दिव्या ने स्वयं को पुलिसकर्मी बताया था जबकि उसका पति ऑटो चलाता था।

आरोपितों ने पहले उनका भरोसा जीता। इसके बाद उनके मोबाइल से खाते की जानकारी चुरा ली। पीड़ित का कहना है कि उनका बेटा बीमार था, जिसके इलाज में वह व्यस्त रहते थे। आरोप है कि आरोपितों ने 28 जनवरी से 22 फरवरी के बीच उनके खाते से कई बार में 10 लाख रुपये निकाल लिए।

थाने में दर्ज किया गया केस

बेटे के इलाज के लिए जब रुपये निकालने वह बैंक गए, तब पता चला कि उनके खाते में रुपये ही नहीं है। आरोप है कि इलाज के रुपये न होने के कारण वह समय पर बेटे का इलाज नहीं करा पाए, जिससे उनके बेटे की मौत हो गई।

जब वह शिकायत लेकर पुलिस के पास गए तो पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। परेशान होकर उन्होंने कोर्ट में शिकायत दी। कोर्ट के आदेश पर दिव्या, विकास, राजकुमार और मोहम्मद तालीम के खिलाफ वेव सिटी थाने में केस दर्ज किया गया है।

एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कराई गई है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

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