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गाजियाबाद में पासपोर्ट फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड मुश्ताक अहमद गिरफ्तार, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

Published: Sun, 01 Mar 2026 09:41 AM (IST)

गाजियाबाद पुलिस ने पासपोर्ट फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड मुश्ताक अहमद को गिरफ्तार किया है। वह एक लाख से ढाई लाख रुपये ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। पासपोर्ट फर्जीवाड़े में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुश्ताक अहमद, जिसे इस मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, क्राइम ब्रांच के शिकंजे में आ गया है।

उसका नाम बुधवार को गिरफ्तार किए गए हजमीत उर्फ रजमीत सिंह से पूछताछ के दौरान सामने आया था। दिल्ली के डीडीए फ्लैट ख्याला निवासी मुश्ताक अहमद एक लाख से लेकर ढाई लाख रुपये लेकर फर्जी नाम और पते पर पासपोर्ट जारी करवाने का कार्य करता था।

प्रति पासपोर्ट 1.20 लाख वसूले

पुलिस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मुश्ताक अहमद फर्जी पते और दस्तावेजों के माध्यम से पासपोर्ट बनाने का नेटवर्क संचालित कर रहा था। उसने हजमीत और उसके चार परिजनों के लिए कुल पांच पासपोर्ट तैयार कराए थे, जिसके लिए प्रति पासपोर्ट लगभग 1.20 लाख रुपये वसूले गए।

सूत्रों के अनुसार, मुश्ताक का कार्य आवेदकों की तलाश करना और उनसे धन लेना था। हजमीत का आवेदन महरौली स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र से कराया गया, जहां पहले से संपर्क होने की जानकारी मिली है।

नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

दस्तावेजों की प्रक्रिया में उसके अन्य सहयोगियों की भी भूमिका बताई जा रही है। पुलिस अब मुश्ताक से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है। आशंका है कि 22 फर्जी पासपोर्ट के अलावा अन्य मामलों में भी उसका हाथ हो सकता है।

अधिकारियों ने औपचारिक पुष्टि से पहले जांच का हवाला दिया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि आरोपित से कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई हैं। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगा रही है कि सत्यापन प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर मिलीभगत हुई और कितने लोगों ने इस नेटवर्क के जरिए पासपोर्ट हासिल किए।

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