गाजियाबाद में पीड़ित महिलाओं का सुरक्षा कवच बना वन स्टॉप सेंटर, 10 महीनों में 899 मामलों में दी मदद
गाजियाबाद का वन स्टॉप सेंटर (OSC) अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक 899 पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच बना ...और पढ़ें

संजय नगर सेक्टर-23 स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर। जागरण
HighLights
वन स्टॉप सेंटर ने 899 महिलाओं की सहायता की।
घरेलू हिंसा के सर्वाधिक 384 मामले दर्ज हुए।
परामर्श, कानूनी, चिकित्सा सहायता एक छत के नीचे।
शाहनवाज अली, गाजियाबाद। महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सहायता के लिए संयुक्त अस्पताल परिसर में संचालित वन स्टाप सेंटर (ओएससी) पीड़ित महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच के रूप में काम कर रहा है।
अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक केंद्र ने 899 मामलों में विभिन्न श्रेणी के मामलों में महिलाओं की सहायता की है। घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, यौन अपराध और साइबर अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में ओएससी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामलों को गोपनीय रखा।
सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा के मामले आए
ओएससी में सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा से जुड़े सामने आए। इसके अलावा दहेज उत्पीड़न, शारीरिक व मानसिक हिंसा, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध और सामाजिक विवादों के मामलों में भी बड़ी संख्या में पीड़िताएं मदद के लिए पहुंचीं।
विशेष रूप से नवंबर, दिसंबर और जनवरी के महीनों में मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। यानी, पीड़िताएं सहायता के लिए आगे आने लगी हैं।
वन स्टाप सेंटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां पीड़ित महिलाओं को एक ही छत के नीचे काउंसलिंग, चिकित्सा सहायता, कानूनी परामर्श, पुलिस सहयोग और आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी आश्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
पीड़िताओं को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और गोपनीयता भी बनी रही।
ओएससी (OSC) में दर्ज मामलों का विवरण
| अपराध - समस्या का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| घरेलू हिंसा | 384 |
| दहेज उत्पीड़न | 31 |
| बलात्कार | 04 |
| शारीरिक व मानसिक हिंसा | 52 |
| यौन उत्पीड़न | 13 |
| मानव तस्करी | 1 |
| गुरूग्राम व अन्य जनपद रेफर | 57 |
| साइबर अपराध | 11 |
| संपत्ति संबंधित विवाद | 16 |
| पड़ोसी से विवाद | 24 |
| अन्य | 154 |
| कुल मामले | 899 |
ओएससी द्वारा प्रदान की गई सेवाएं
(अप्रैल 2025 – जनवरी 2026)
| सेवा का प्रकार | लाभार्थी |
|---|---|
| मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग | 899 |
| कानूनी सहायता | 50 |
| चिकित्सीय सहायता | 229 |
| पुलिस सहायता | 28 |
| अस्थायी आश्रय | 10 |
| रेस्क्यू एवं पुनर्वास | 55 |
| अन्य सेवाएं | 219 |
| कुल सेवाएं | 1490 |
महिलाओं को मनोसामाजिक सहायता, कानूनी सलाह, चिकित्सीय और पुलिस सहायता के साथ ही ओएसएसी में सुरक्षा और देखभाल की जाती है। संयुक्त अस्पताल परिसर में सखी वन स्टाप सेंटर या हेल्पलाइन नंबर पर काल कर सहायता ली जा सकती है।
प्रीति चौधरी, प्रभारी सखी वन स्टाप सेंटर
ओएससी में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ताओं का शिकार महिलाओं को त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है। किसी भी प्रकार की हिंसा की शिकार महिला और बालिका दिए गए नंबर पर काल कर सहायता ले सकतीं हैं। यहां पहचान भी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
मनोज पुष्कर, जिला प्रोबेशन अधिकारी
