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गाजियाबाद में माइक्रो सरफेसिंग तकनीक से सड़कों को मिलेगी नई जिंदगी

Published: Mon, 19 Oct 2026 10:15 AM (IST)

गाजियाबाद नगर निगम पहली बार सड़कों की मरम्मत के लिए माइक्रो सरफेसिंग तकनीक का उपयोग करेगा, जिससे सड़कों की आयु बढ़ेगी और जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।

माइक्रो सरफेसिंग तकनीक से सड़कों की आयु बढ़ेगी ( एआई जेनरेटेड इमेज )

माइक्रो सरफेसिंग तकनीक से सड़कों की आयु बढ़ेगी ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. नगर निगम पहली बार माइक्रो सरफेसिंग तकनीक से सड़कें सुधारेगा।

  2. सड़कों की आयु बढ़ेगी, जलभराव की गंभीर समस्या से राहत।

  3. राजनगर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कार्य शुरू।

हसीन शाह, गाजियाबाद। शहर की सड़कों को दुरुस्त करने और उनकी आयु बढ़ाने के लिए नगर निगम ने अहम कदम उठाया है।

निगम पहली बार सड़कों की मरम्मत में माइक्रो सरफेसिंग तकनीक का इस्तेमाल करेगा। नगर निगम ने राजनगर में इस तकनीक से सड़क की मरम्मत करने का टेंडर जारी किया है।

जलभराव से गंभीर हो जाती है स्थिति

सड़क टूटने पर नगर निगम नई लेयर बिछाता है। पानी भरने से वह फिर टूट जाती है। बार-बार सड़क बनाने से उसकी ऊंचाई लगातार बढ़ जाती थी, जिससे आसपास के मकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और नाले सड़क के स्तर से नीचे हो जाते थे।

इसके कारण वर्षा में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी होती थी। माइक्रो सरफेसिंग तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पारंपरिक तकनीक बिछाने की प्रक्रिया से अलग है।

माइक्रो सरफेसिंग से सड़क की मोटाई या ऊंचाई में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी। जिससे जलभराव और सड़कों के ऊंचे होने की समस्या से राहत मिलेगी। पानी भरने से आसानी से सड़क नहीं टूटेगी।

क्या है माइक्रो सरफेसिंग तकनीक 

यह सड़कों की मरम्मत की एक अत्यंत आधुनिक और टिकाऊ तकनीक है। इसमें पुरानी व उबड़-खाबड़ सड़क की ऊपरी सतह पर तारकोल (बिटुमेन), विशेष ग्रेड के छोटे पत्थर (एग्रीगेट), पानी, सीमेंट और पालिमर केमिकल के मिश्रण की एक बेहद पतली परत बिछाई जाती है।

यह तकनीक मुख्य रूप से उन सड़कों के लिए बेहद कारगर साबित होती है, जिनकी ऊपरी परत घिस चुकी होती है। इस परत से सड़क को धूप, नमी और पानी से सुरक्षा मिलती है, जिससे उसकी उम्र कई साल बढ़ जाती है।

इन सड़कों पर होगी माइक्रो सरफेसिंग 

नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने बताया कि राजनगर में हिंट चौक से सेंटर पार्क होते हुए आर-06/25 तक, अशोक मांगा के आवास से संजीव शर्मा आवास होते हुए रिंग रोड तक और जल निगम कट तक सड़कों पर यह तकनीक अपनाई जाएगी।

वहीं, राजनगर एएलटी रोड से शनि मंदिर होते हुए सेक्टर छह कट तक, वरदान अस्पताल से सेक्टर-10 चौक होते हुए इंग्राहम स्कूल से सरस्वती विद्या मंदिर तक सड़कों पर माइक्रो सरफेसिंग होगी।

कार्यों की समय सीमा चार माह तय की गई है। यह कार्य पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हो रहा है। इसके बाद अन्य सड़कों पर भी इस तकनीक का उपयोग किया जाएगा।

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