गाजियाबाद नगर निगम में सफाई कर्मचारियों का भौतिक सत्यापन शुरू, ई-वेतन पोर्टल से वेतन रिकॉर्ड में आएगा सुधार
गाजियाबाद नगर निगम अपने कर्मचारियों, विशेषकर सफाई कर्मचारियों और नायकों का पूरा हिसाब-किताब ई-वेतन पोर्टल पर अपडेट करेगा। यह पहल ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
HighLights
गाजियाबाद नगर निगम कर्मचारियों का ई-वेतन पोर्टल पर डेटा अपडेट करेगा।
वार्ड स्तर पर सफाई कर्मचारियों और नायकों का सत्यापन जारी है।
वास्तविक संख्या और वेतन रिकॉर्ड में अंतर उजागर होगा।
मदन पांचाल, गाजियाबाद। गाजियाबाद नगर निगम में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और सफाई नायकों का अब पूरा हिसाब-किताब तैयार होगा। अकेले स्वास्थ्य विभाग में 4550 कर्मचारी हैं। इसके अलावा उद्यान विभाग में एक हजार से अधिक माली हैं।
इसके लिए वार्ड स्तर पर कर्मचारियों की गिनती शुरू कर दी गई है। खास बात यह है कि कई वार्डों में कर्मचारियों की संख्या में बड़ा अंतर सामने आ रहा है। कहीं करीब 20 कर्मचारी काम कर रहे हैं तो कहीं महज दो कर्मचारी ही तैनात हैं। ऐसे में ई-वेतन पोर्टल पर दर्ज होने वाला ब्योरा निगम के कर्मचारियों और उनके वेतन से संबंधित वास्तविक स्थिति सामने लाएगा।
शासन के निर्देश पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से जारी पत्र में जोनल सेनेटरी आफिसर, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, समस्त सफाई एवं खाद्य निरीक्षक और समस्त वेतन लिपिकों को निर्देश दिए गए हैं कि अपने-अपने जोन और वार्ड में तैनात सफाई नायकों के माध्यम से क्षेत्र में कार्यरत सभी कर्मचारियों का विवरण निर्धारित प्रारूप में भरवाकर उसका परीक्षण एवं सत्यापन कराएं।
ई-वेतन पोर्टल पर अपडेट होंगे ये आंकड़े
इसके बाद संबंधित वेतन लिपिक को सूचना उपलब्ध करानी होगी। इसमें स्वीकृत पदनाम, कर्मचारी का पदनाम, जाति श्रेणी, कार्य का प्रकार यानी स्थायी, संविदा, आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी जैसी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा कर्मचारी की श्रेणी तथा अन्य निर्धारित विवरण और पेंशन संबंधी आंकड़े भी ई-वेतन पोर्टल पर अपडेट किए जाएंगे।
नगर निगम के वार्डों में सफाई कर्मचारियों की वास्तविक संख्या और उनके दर्ज रिकॉर्ड में अंतर की स्थिति भी अब सामने आ सकती है। इसी वजह से प्रत्येक कर्मचारी का भौतिक सत्यापन कर सूचना दर्ज कराने पर जोर दिया गया है। सूचना तीन दिन के भीतर मांगी गई है।
सूचना देर से मिली तो किसकी होगी जिम्मेदारी?
सूचना अधूरी अथवा विलंब से मिलने की स्थिति में संबंधित की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। ई-वेतन पोर्टल पर आंकड़े अपडेट होने के बाद निगम के पास यह स्पष्ट ब्योरा उपलब्ध होगा कि किस वार्ड में कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, उनका रोजगार का प्रकार क्या है और किस श्रेणी में उनका विवरण दर्ज है।
इससे कर्मचारियों की वास्तविक तैनाती और वेतन संबंधी रिकार्ड के मिलान में भी मदद मिलेगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश सिंह ने ई-वेतन पोर्टल पर कर्मचारियों से संबंधित सूचना और आंकड़े अपडेट कराने से संबंधित शासनादेश के मिलने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि सत्यापन त्वरित गति से हो रहा है।
