गाजियाबाद में 13 साल बाद नवीन हत्याकांड के तीन दोषियों को कोर्ट ने सुनाई सात-साल की सजा
गाजियाबाद की अदालत ने 2013 में विजय नगर में नवीन कुमार की हत्या के मामले में 13 साल बाद फैसला ...और पढ़ें
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2013 में हुए युवक की हत्या के मामले में अदालत ने करीब 13 साल बाद फैसला सुनाया है।
HighLights
नवीन कुमार हत्याकांड में 13 साल बाद आया फैसला।
तीन दोषियों को सात साल कारावास, 25 हजार जुर्माना।
गाजियाबाद अदालत ने सुनाया विजय नगर मामले में निर्णय।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। विजय नगर थाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में हुए युवक की हत्या के मामले में अदालत ने करीब 13 साल बाद फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में तीन आरोपित ताराचंद, जोगेंद्र, और सुरेंद्र को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को सात-सात वर्ष के कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
संघर्ष कालोनी, विजय नगर का निवासी नवीन कुमार 21 मई 2013 की रात करीब 11:30 बजे पैदल अपने घर जा रहा था। जब वह सम्राट चौक के पास तिलक बिल्डिंग मटेरियल स्टोर के नजदीक पहुंचा तो वहां कुछ आरोपित लाठी और लोहे की राड लेकर खड़े थे।
नवीन पर जान से मारने की नीयत से हमला
आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक गालियां देते हुए नवीन पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। हमले में नवीन के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। इसके बाद आरोपित उसे पैरों से पकड़कर गली में घसीटते हुए मंदिर तक ले गए और शोर मचाया कि नवीन चोरी करने आया था।
पुलिस ने नवीन को यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान वह कोमा में रहा। 26 मई 2013 को उसकी मौत हो गई। अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी संजय बंसल, छात्र गौरव साश्वत और चिकित्सक सहित कई महत्वपूर्ण गवाह पेश किए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर लगी गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया।
करीब 13 वर्षों तक चले मुकदमे में गहन परीक्षण हुआ
इससे स्पष्ट हुआ कि युवक की मौत हमले के कारण हुई। करीब 13 वर्षों तक चले मुकदमे में अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन परीक्षण किया। बचाव पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए न्यायालय ने माना कि तीन आरोपितों ने सामूहिक रूप से हमला कर नवीन कुमार की हत्या की। अदालत ने सभी को दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।
