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सीवर लाइन का पता नहीं और 140 करोड़ का STP बना रहे, गाजियाबाद के खोड़ा में छिड़ा नया विवाद; भड़के सभासद

Published: Tue, 29 Sep 2026 08:40 AM (IST)

खोड़ा में 140 करोड़ रुपये की लागत से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण बिना सीवर लाइन बिछाए किया जा ...और पढ़ें

खोड़ा में सड़क पर जलभराव के बीच गुजरते लोग। जागरण आर्काइव

खोड़ा में सड़क पर जलभराव के बीच गुजरते लोग। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. खोड़ा में 140 करोड़ का एसटीपी बिना सीवर लाइन बन रहा

  2. सभासदों ने निर्माण पर सवाल उठाए, जनता के पैसे की बर्बादी

  3. नगर पालिका एनजीटी के आदेश का हवाला दे रही है

जितेंद्र सिंह, साहिबाबाद। खोड़ा में सीवर लाइन बिछाई नहीं और नगर पालिका 140 करोड़ का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बना रही है। इस पर नगर पालिका के सभासद कई सवाल खड़ा कर रहे हैं।

इनका कहना है कि सीवर लाइन ही नहीं है तो एसटीपी का लाभ लोगों को कैसे मिलेगा। इससे जनता के पैसे का ही दुरुपयोग होगा। इस मामले में कुछ सभासदों का कहना है कि बिना सीवर लाइन के एसटीपी प्लांट बनाने से योजना का कोई लाभ नहीं है।

सीवर ओवरफ्लो होता रहेगा और दूषित पानी नालियों में बहता रहेगा। वर्षा के मौसम में सीवर का पानी नाली से सड़कों पर आ जाता है। इससे लोगों को काफी परेशानी होती है। ऐसे में सही उपयोग के लिए पहले सीवर लाइन डाली जानी चाहिए।

बता दें कि नगर पालिका डंपिंग यार्ड में करीब 16 हजार वर्ग मीटर पर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बना रहा है। इस पर करीब 144 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

एनजीटी की ओर से खोड़ा नगर पालिका परिषद पर सीवर का पानी नोएडा और दिल्ली के नालों से यमुना में जाने पर करीब सवा करोड़ रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है।

एसटीपी में ट्रीट होगा नालों का पानी

सीवर लाइन डालने में खोड़ा की संकरी गलियां बड़ी बाधा हैं। नगर पालिका अधिकारी का कहना है कि नालियों और नालों को एसटीपी से जोड़ा जा रहा है। एसटीपी से जोड़ने के बाद नालों-नालियों का पानी ट्रीट किया जाएगा।

फिलहाल, गलियों में लोगों ने सीवर टैंक बना रखे हैं। सीवर लाइन न होने के कारण टैंक का पानी ओवरफ्लो होकर नालियों में बहता है और इनसे नालों में जाता है।

कई बार गलियों में भी सीवर का पानी भरा रहता है। ऐसे में लोगों की मांग है कि पहले सभी वार्ड में सीवर लाइन बिछाकर कनेक्टिविटी की जाए और मेन लाइन से कनेक्ट किया जाए।

एनजीटी के आदेश पर एसटीपी का निर्माण हो रहा है। एसटीपी को नालों से जोड़ा जाएगा। नालों का पानी को एसटीपी में ट्रीट किया जाएगा। आगे योजना के अनुसार सीवर लाइन डालने का काम किया जाएगा।

- मोहिनी शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष
बिना सीवर लाइन डाले एसटीपी प्लांट बनाया जा रहा है। इसका कोई लाभ नहीं है। इससे तो सीवर का पानी नालियों में ही बहता रहेगा। सीवर ओवरफ्लो होने की समस्या भी बनी रहेगी।
- सतीश कुमार गुप्ता, सभासद दल के नेता
सीवर लाइन न होने के कारण सीवर का पानी नालियों में बह रहा है। कई बार नालियां जाम हो जाती हैं। दुर्गंध से लोगों का बुरा हाल हो जाता है।
- विवेक ओझा, स्थानीय निवासी
वर्षा के समय सीवर ओवरफ्लो होने से हालात बद से बदतर हो जाते हैं। सीवर का पानी सड़क पर बहता रहता है। इसी से होकर लोगों को गुजरना पड़ता है।
- अशोक कुमार पांडे, स्थानीय निवासी

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