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प्रशासन की अनदेखी पर फूटा किसानों का गुस्सा, कनावनी में जुटने लगे नोएडा-ग्रेटर नोएडा के किसान; महाघेराव की तैयारी

Published: Thu, 17 Sep 2026 07:17 PM (IST)

गाजियाबाद के कनावनी गांव में किसान 35 दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उनसे कोई बातचीत नहीं की है।

कनावनी में प्रदर्शन कर रहे किसान।

कनावनी में प्रदर्शन कर रहे किसान।

HighLights

  1. कनावनी गांव में किसानों का 35 दिनों से धरना जारी है।

  2. प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से अब तक बातचीत नहीं की।

  3. रविवार को पंचायत में प्राधिकरण घेराव की रणनीति बनेगी।

जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। कनावनी गांव में मांगों को लेकर किसानों का धरना बृहस्पतिवार को 35वें दिन भी जारी रहा।

किसानों का कहना है कि लगातार धरना चलने के बावजूद प्रशासनिक और प्राधिकरण के अधिकारी किसानों से बातचीत करने के लिए धरना स्थल पर नहीं पहुंचे हैं। इससे किसानों में लगातार रोष बढ़ता जा रहा है।

किसानों ने कहा कि अब इस मामले को लेकर रविवार को गांव में पंचायत आयोजित की जाएगी। पंचायत में किसानों की आगे की रणनीति पर चर्चा करते हुए प्राधिकरण के घेराव को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

किसान प्रवीण नागर और अशोक कसाना का कहना है कि प्रशासन और प्राधिकरण को किसानों के बीच आकर बातचीत करनी चाहिए।

किसानों की आवाज को लगातार किया गया अनसुना

उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को लगातार अनसुना किया गया तो रविवार की पंचायत में आगे की रणनीति तय की जाएगी।

बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर गौतमबुद्ध नगर और नोएडा क्षेत्र के कई गांवों से किसान समर्थन देने पहुंचे। आसपास के कई गांवों के प्रधानों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर कनावनी के किसानों को अपना समर्थन दिया।

धरने में पंडित लिखीराम शर्मा, कैलाश नागर, चतर सिंह नागर, श्रीचंद नागर, महेन्द्र नागर, दीपचंद नागर, विनोद नागर, सतीश नागर आदि किसान मौजूद रहे।

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