इंदिरापुरम विस्तार पर मंडराए संकट के बादल! 29 दिन से धरने पर बैठे किसानों ने उठाई खतौनी में नाम दर्ज करने की मांग
गाजियाबाद के कनावनी गांव में किसानों का धरना 29वें दिन भी जारी रहा, जिसमें वे इंदिरापुरम विस्तार के लिए प्राधिकरण द्वारा दिए जा रहे प्लाटों का विरोध कर रहे हैं।

HighLights
कनावनी गांव में किसानों का धरना 29वें दिन भी जारी रहा।
किसान इंदिरापुरम विस्तार के लिए प्लाटों का विरोध कर रहे हैं।
खतौनी में नाम बहाल करने और जमीन वापस लेने की मांग।
जागरण संवाददाता, साहिबाबाद। गाजियाबाद के कनावनी गांव में मांगों को लेकर किसानों का धरना शुक्रवार को 29वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने अब इंदिरापुरम विस्तार के लिए प्राधिकरण द्वारा दिए जा रहे प्लाटों के खिलाफ भी आवाज बुलंद कर दी है।
किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंदिरापुरम विस्तार के लिए कनावनी गांव की जमीन के संबंध में जो समय सीमा निर्धारित की गई थी, वह समाप्त हो चुकी है। ऐसे में किसान अब किसी भी कीमत पर अपनी जमीन जीडीए को देने के लिए तैयार नहीं हैं।
अपने अधिकारों की बहाली तक शांत नहीं बैठेंगे
किसान प्रवीण नागर का कहना है कि जिन किसानों के नाम खतौनी से काट दिए गए हैं और प्राधिकरण द्वारा उन राजस्व अभिलेखों में किसानों के नाम दोबारा दर्ज किए जाएं।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी जमीन और अधिकारों की बहाली तक शांत नहीं बैठेंगे। किसानों ने ऐलान किया कि जब तक उनकी जमीन और राजस्व अभिलेखों में उनके अधिकार बहाल नहीं किए जाते, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
किसानों ने प्रशासन से मामले का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। धरने में मथन सिंह नागर, छतर सिंह नागर, श्रीचंद नागर, लखीराम शर्मा, राजेंद्र नागर आदि मौजूद रहे।
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