गाजियाबाद में ITMS कैमरों का असर: 10 दिन में 4241 चालान, रोज 400 से ज्यादा लापरवाहों पर कार्रवाई
गाजियाबाद में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के तहत लगे अत्याधुनिक कैमरे अब पूरी तरह सक्रिय हैं। पिछले 10 दिनों ...और पढ़ें

मालीवाड़ा चौक पर आईटीएमएस के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरे। जागरण

समय कम है?
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विनीत कुमार, गाजियाबाद। शहर के ट्रैफिक पर निगाह रखने और यातायात नियमों का पालन कराने के लिए लगाए गए अत्याधुनिक कैमरे अब पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत लगाए गए इन कैमरों से सिर्फ निगरानी नहीं हो रही बल्कि नियम तोड़ने वालों का चालान भी हो रहा है। नतीजा यह है कि 10 दिन में ही रोजाना औसतन 400 से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई हुई है। अभी सिर्फ बिना हेलमेट और दोपहिया पर तीन सवारी का ही चालान हो रहा है।
57 प्रमुख चौराहों और मार्गों पर कुल 870 कैमरे
नगर निगम द्वारा शहर के 57 प्रमुख चौराहों और मार्गों पर कुल 870 कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 377 कैमरों को चालान प्रणाली से जोड़ा गया है। एक फरवरी से इन कैमरों के जरिए चालान की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बीते 10 दिनों में ही कुल 4241 चालान किए जा चुके हैं, जो इस व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा चालान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के हुए हैं। कुल 4241 चालानों में से 3952 चालान सिर्फ बिना हेलमेट चलने पर किए गए। वहीं, दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाकर चलने वालों के 289 चालान काटे गए हैं। इन कैमरों से मिलने वाली लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम तक पहुंच रही है।
इसके जरिए यातायात पुलिस हर चौराहे और मुख्य मार्ग पर नजर रख रही है। जैसे ही कोई चालक नियम तोड़ता है। कैमरे उसकी तस्वीर और वीडियो रिकार्ड कर लेते हैं और उसी आधार पर आनलाइन चालान जारी कर दिया जाता है।
इन पांच श्रेणी में होंगे चालान
कैमरों के जरिए अभी दोपहिया पर तीन सवारी और बिना हेलमेट चालान हो रहे हैं। आने वाले दिनों में लाल बत्ती जंप करना, गति सीमा का उल्लंघन और विपरीत दिशा में वाहन चलाने वालों के भी चालान होंगे। इससे रोजाना करीब दो हजार चालान होे सकते हैं।
"कैमरों के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से वाहन चलाने के लिए प्रेरित करना है। हेलमेट और निर्धारित गति सीमा जैसे नियम जीवन सुरक्षा से जुड़े हैं। इसलिए इनका पालन बेहद जरूरी है।"
-त्रिगुण बिसेन, डीसीपी ट्रैफिक
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