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उद्योगों को आधुनिक बनाने की पहल, जेनरेटर से मशीन अपग्रेडेशन तक सरकार दे रही लाखों की मदद

Published: Wed, 09 Sep 2026 07:57 PM (IST)

प्रदेश सरकार गाजियाबाद की औद्योगिक इकाइयों को बिजली आपूर्ति मजबूत करने और उत्पादन में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी दे रही है।

नए मानकों के अब तक करीब 250 उद्यमियों को सब्सिडी उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रतीकात्मक तस्वीर

नए मानकों के अब तक करीब 250 उद्यमियों को सब्सिडी उपलब्ध कराई जा चुकी है। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. गाजियाबाद के उद्योगों को सरकार से मिल रही वित्तीय सहायता।

  2. जेनरेटर खरीद और तकनीकी उन्नयन पर सब्सिडी उपलब्ध।

  3. 520 उद्यमियों को 23.17 करोड़ रुपये का अनुदान मिला।

शाहनवाज अली, गाजियाबाद। औद्योगिक इकाइयों में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने और उत्पादन में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी का जिले के उद्यमियों को लाभ मिल रहा है।

नए मानकों के अनुरूप जेनरेटर खरीद पर अब तक करीब 250 उद्यमियों को सब्सिडी उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं, तकनीकी उन्नयन योजना के तहत मशीन खरीद के लिए करीब 270 उद्यमियों को अनुदान दिया जा चुका है।

तकनीकी दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी

दोनों योजनाओं को मिलाकर अब तक करीब 23.17 करोड़ रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। इस योजना का उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों में ऊर्जा व्यवस्था को बेहतर करने के साथ उत्पादन में आधुनिक मशीनरी के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इससे माइक्रो और स्माल श्रेणी की विनिर्माण इकाइयों को अपनी उत्पादन क्षमता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

जेनरेटर पर 20 लाख तक अनुदान

दो जून 2023 के बाद खरीदे गए जेनरेटर पर नए मानकों के अनुरूप अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने का प्रविधान है। इससे उन औद्योगिक इकाइयों को राहत मिल सकती है, जिन्हें उत्पादन सुचारू रखने के लिए जेनरेटर की आवश्यकता होती है। योजना का लाभ नई और बेहतर तकनीक वाली मशीनरी खरीदने वाले पात्र उद्यमियों को मिल सकता है।

माइक्रो और स्माॅल मैन्युफैक्चर्स को लाभ

सब्सिडी का लाभ हर औद्योगिक इकाई को नहीं मिलेगा। इसके लिए इकाई का मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में होना और माइक्रो या स्माल श्रेणी में आना अनिवार्य है। साथ ही संबंधित औद्योगिक इकाई कम से कम तीन वर्ष से उत्पादन कर रही होनी चाहिए। इस तरह योजना का फोकस स्थापित माइक्रो और स्माल विनिर्माण इकाइयों को आधुनिक मशीनरी और बेहतर ऊर्जा व्यवस्था के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

520 उद्यमियों को मिल चुका लाभ

जेनरेटर सब्सिडी

करीब 250 उद्यमी

तकनीकी उन्नयन करीब 270 उद्यमी
कुल लाभार्थी  करीब 520 उद्यमी
अब तक वितरित सब्सिडी 23.17 करोड़ रुपये

किस पर कितनी सब्सिडी?

  • जेनरेटर खरीद के लिए दो जून 2023 के बाद खरीदे गए नए मानकों के अनुरूप जेनरेटर पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक सब्सिडी।
  • तकनीक बढ़ाने (मशीन अपग्रेडेशन) के लिए मशीन खरीद पर अधिकतम 50 प्रतिशत या अधिकतम पांच लाख रुपये तक अनुदान दिया जा रहा है।

अनुदान के लिए पात्रता जरूरी

  • इकाई का मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में होना जरूरी।
  • माइक्रो या स्माल श्रेणी की इकाई को ही लाभ।
  • इकाई कम से कम तीन साल से उत्पादन कर रही हो।
  • जेनरेटर खरीद दो जून 2023 के बाद की होनी चाहिए।
  • जेनरेटर नए निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।

क्या कहते हैं लाभार्थी और अधिकारी?

मशीनरी का आधुनिकीकरण छोटे उद्योगों के लिए बड़ी लागत वाला निवेश है। ऐसे में मशीन खरीद पर 50 प्रतिशत तक अनुदान और जेनरेटर पर 20 लाख रुपये तक की सहायता मिलने से इकाइयों पर निवेश का बोझ कम होने के साथ ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आधुनिक तकनीक अपनाने में मदद मिली है।

-मनोज कुमार, उद्यमी।

जेनरेटर खरीद और तकनीकी उन्नयन के लिए पात्र औद्योगिक इकाइयों को योजना के तहत अनुदान दिया जा रहा है। अब तक दोनों मदों में करीब 23 करोड़ से अधिक की सब्सिडी दी जा चुकी है। योजना का लाभ लेने के लिए इकाई का निर्धारित श्रेणी में होना और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करना आवश्यक है।

-आशुतोष सिंह, उपायुक्त उद्योग।

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