गाजियाबाद में प्रदूषण से निपटने के लिए 13 हॉटस्पॉट चिह्नित, इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली भी सूची में शामिल
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गाजियाबाद में प्रदूषण रोकने के लिए 13 हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं, जिनमें इंदिरापुरम, वसुंधरा ...और पढ़ें

प्रदूषण रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हॉटस्पॉट चिह्नित कर लिए हैं।
HighLights
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 13 हॉटस्पॉट चिह्नित किए।
इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली जैसे नए क्षेत्र भी शामिल।
लोनी लगातार सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में से एक बना हुआ।
राहुल कुमार, साहिबाबाद। हर वर्ष की तरह इस बार भी जिले में प्रदूषण रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हॉटस्पॉट चिह्नित कर लिए हैं। इस बार इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली और साहिबाबाद को भी शामिल करते हुए कुल 13 हॉटस्पॉट बनाए गए हैं। इनमें बीते वर्ष वाले सभी नौ क्षेत्र शामिल हैं। इससे साफ जाहिर है कि बीते वर्ष तमाम विभागों ने मिलकर प्रदूषण रोकथाम के लिए योजना तो बनाई, लेकिन जमीन पर कार्य नहीं हुए। सबसे बड़ी बात ये है कि प्रदूषण के कारण भी वहीं हैं, जो बीते वर्ष थे।
अक्टूबर शुरू होने के साथ ही सर्दी बढ़ने पर ग्रेप (ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान) की पाबंदियां भी लगनी शुरू हो जाएंगी। इसमें दो सप्ताह से भी कम का समय बचा है। इससे पहले यूपीपीसीबी ने प्रदूषण रोकथाम के लिए हॉटस्पॉट चिह्नित किए हैं। इसमें साहिबाबाद, मोहननगर, राजनगर एक्सटेंसन, लोनी, भोपुरा-लोनी बार्डर, सिद्धार्थ विहार, कनावनी पुस्ता रोड, विजयनगर, साउथ साइट जीटी रोड, लालकुआं, इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली शामिल हैं।
इन सभी 13 क्षेत्रों को प्रदूषण बोर्ड ने नौ हॉटस्पॉट माना है। साहिबाबाद और मोहननगर को एक साथ, इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा को एक क्षेत्र और विजयनगर एवं साउथ साइड को एक हॉटस्पॉट के रूप में माना है। हालांकि ऐसा करके केवल संख्या कम की गई है। हर क्षेत्र जो अधिक प्रदूषित है वह अपने आप में हॉटस्पॉट है। वहीं, इन हॉटस्पॉट में पांच ऐसे हैं जो वर्ष 2023 और 2024 में भी शामिल थे।
लोनी हर वर्ष हॉटस्पॉट में होता है शामिल
लोनी की 17 लाख आबादी का अवैध फैक्ट्रियों के कारण वर्षभर दम घुटता रहता है, लेकिन जिम्मेदार जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं। न तो कोई योजना जमीन पर उतरी और न ही प्रदूषण फैलाने वालों को रोका गया। यही कारण है कि स्विस वायु गुणवत्ता प्रौद्योगिकी की कंपनी आइक्यू एयर की वर्ष 2025 की रिपोर्ट में लोनी विश्व में सबसे प्रदूषित क्षेत्र रहा था। यहां का पीएम 2.5 का औसत 112.5 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया था।
हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में प्रदूषण के ये हैं मुख्य कारण
- सड़कों पर उड़ती धूल।
- वाहनों का दबाव
- निर्माण व ध्वस्तीकरण गतिविधि
- कच्ची सड़कें।
- औद्योगिक उत्सर्जन
- अवैध औद्योगिक क्षेत्र
- खुले में पड़ी निर्माण सामग्री
इस वर्ष चिह्नित किए गए 13 हॉटस्पॉट
- साहिबाबाद
- मोहननगर
- राजनगर एक्सटेंशन
- लोनी
- भोपुरा-दिल्ली बोर्डर
- सिद्धार्थ विहार
- कनावनी पुस्ता रोड
- विजयनगर
- साउथ साइट जीटी रोड
- लालकुआं
- इंदिरापुरम
- वसुंधरा
- वैशाली
बीते वर्ष 2025 में ये नौ हॉटस्पॉट किए गए थे चिह्नित
- मोहननगर
- राजनगर एक्सटेंशन
- लोनी
- भोपुरा-दिल्ली बोर्डर
- सिद्धार्थ विहार
- कनावनी पुस्ता रोड
- विजयनगर
- साउथ साइड जीटी रोड
- लालकुआं
वर्ष 2024 में चिह्नित किए गए हॉटस्पॉट व कारण
- साहिबाबाद
- राजनगर एक्सटेंशन
- लोनी
- भोपुरा-दिल्ली बार्डर
- सिद्धार्थ विहार
- वसुंंधरा
वर्ष 2023 में चिह्नित किए गए हॉटस्पॉट
- साहिबाबाद
- राजनगर एक्सटेंशन
- लोनी
- भोपुरा-दिल्ली बोर्डर
- जीटी रोड साउथ साइड
- संजय नगर
- सिद्धार्थ विहार
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बीते वर्षों में इन बिंदुओं पर काम करने का दावा
-अधिक प्रदूषण वाले इलाकों को चिह्नित कर कार्रवाई।
-अवैध औद्योगिक क्षेत्रों को सील करना।
-सड़कों पर उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए छिड़काव।
-इलेक्ट्रानिक वाहनों के प्रति जागरूकता।
-ट्रैफिक सिग्नलों की मरम्मत से यातायात व्यवस्थित।
-वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए कार्रवाई।
-निर्माण कार्य के मलबे का सही निस्तारण।
पिछले पांच साल में अधिकतम प्रदूषण की स्थिति
| वर्ष | एक्यूआई |
|---|---|
| 2020 | -484 |
| 2021 | -485 |
| 2022 | -487 |
| 2023 | -478 |
| 2024 | -467 |
| 2025 | -459 |
प्रदूषण रोकने के लिए ठोस योजना बनाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जल्द ही जिलाधिकारी व अन्य विभागों के साथ एक बैठक होगी। लोनी समेत सभी हॉटस्पॉट में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाएगी। - अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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