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गाजियाबाद में कॉपर कारोबारी पर GST का छापा, 80 करोड़ की कर चोरी पकड़ी; दिल्ली से कश्मीर तक फैला फर्जीवाड़े का तार

Published: Sat, 17 Oct 2026 07:52 PM (IST)

गाजियाबाद की ओशिया मेटल इंडस्ट्रीज पर जीएसटी छापे में 80 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई। फर्म ने 77.26 ...और पढ़ें

गाजियाबाद में जीएसटी विभाग का बड़ा छापा

गाजियाबाद में जीएसटी विभाग का बड़ा छापा

HighLights

  1. ओशिया मेटल इंडस्ट्रीज पर राज्य कर विभाग ने मारा छापा।

  2. कॉपर कारोबारी द्वारा 80 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई।

  3. व्यापार स्थल पर माल नहीं, 77.26 करोड़ की बोगस आइटीसी।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित कापर वायर और कापर राड की ट्रेडिंग करने वाली ओशिया मेटल इंडस्ट्रीज पर राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने छापा मारा।

15 अक्टूबर को हुई जांच में व्यापार स्थल पर कोई माल नहीं मिला। मौके से केवल लेखा पुस्तकें और खरीद-बिक्री के इनवायस मिले। प्रारंभिक जांच में करीब 80 करोड़ रुपये की कर अपवंचन का मामला सामने आया है।

अपर आयुक्त राज्य कर गाजियाबाद जोन प्रथम अजय कुमार गौतम के निर्देश पर डाटा विश्लेषण के बाद ओशिया मेटल इंडस्ट्रीज को जांच के लिए चिह्नित किया गया। संयुक्त आयुक्त विशेष अनुसंधान शाखा संभाग-बी अजय प्रताप सिंह ने टीम गठित कर सर्च वारंट जारी किया।

फर्म ने 2023 में कराया था जीएसटी पंजीयन

विभाग के अनुसार फर्म ने 22 दिसंबर 2023 को जीएसटी पंजीयन कराया था। पंजीयन मैन्यूफैक्चरिंग के लिए लिया गया, लेकिन यहां कापर वायर और राड की ट्रेडिंग की जा रही थी। वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान फर्म ने दिल्ली की ऐसी फर्मों से खरीद दिखाई, जिनके पंजीयन बोगस या अस्तित्वहीन होने के कारण निरस्त हो चुके हैं।

अधिकांश बिक्री जम्मू-कश्मीर स्थित एक फर्म को दिखाई गई। जांच टीम में सहायक आयुक्त विमल कुमार तथा राज्य कर अधिकारी अखिलेश कुमार और सतीश तिवारी शामिल रहे।

5.76 करोड़ के ई-वे बिल निरस्त

गठित टीम की प्रारंभिक जांच में बोगस फर्मों से 77.26 करोड़ रुपये की आइटीसी लेने का मामला सामने आया है। इसके अलावा 5.76 करोड़ रुपये के ई-वे बिल बिना उचित कारण निरस्त किए गए। वर्ष 2024-25 में 58 लाख रुपये की अतिरिक्त आइटीसी का दावा भी जांच के दायरे में है। फर्म ने नकद में बहुत कम कर जमा किया। विभागीय टीम ने कंपनी के अभिलेख कब्जे में लेकर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

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