गाजियाबाद GRP थाने में नाबालिग की डंडे से पिटाई, वीडियो वायरल होने पर सिपाही लाइन हाजिर
गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर जीआरपी सिपाही ने एक नाबालिग को डंडे से बेरहमी से पीटा, जिसका वीडियो वायरल हो गया। ...और पढ़ें

गाजियाबाद रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी थाने में नाबालिग को पीटता जीआरपी कर्मी। वीडियो ग्रैब
HighLights
जीआरपी सिपाही ने नाबालिग को डंडे से बेरहमी से पीटा।
यात्री ने पिटाई का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल किया।
सिपाही को लाइन हाजिर कर डीएसपी को जांच सौंपी गई।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म संख्या तीन स्थित जीआरपी थाने में एक सिपाही ने एक नाबालिग को डंडे से बेरहमी से पीटा। ट्रेन में बैठे एक यात्री ने पिटाई का यह वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर शेयर कर दिया।
दावा किया गया कि नाबालिग बेकसूर था और उसे केवल संदिग्ध मानकर पीटा गया। वीडियो सामने आने के बाद सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच डीएसपी अशोक सिसौदिया को सौंपी गई है।
प्लेटफाॅर्म पर कोई यात्री नहीं था मौजूद
रात डेढ़ बजे एक 17 वर्षीय किशोर प्लेटफाॅर्म संख्या पांच पर दिल्ली से आ रही ईएमयू ट्रेन से उतरा। नाबालिग को सिपाही सिकंदर कुमार ने पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भागने लगा।
सिपाही ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और संदिग्ध मानकर थाने में बैठा दिया। इसके बाद थाने के भीतर डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी। उसने रात ढाई बजे थाने के मुख्य गेट के ठीक सामने पिटाई की। उस दौरान प्लेटफाॅर्म पर कोई यात्री मौजूद नहीं था।
शिकायत या चोरी का कोई आरोप नहीं
सिपाही को लगा कि उसे कोई देख नहीं रहा है, लेकिन वहां एक ट्रेन खड़ी थी, जिसमें बैठा एक यात्री यह सब देख रहा था। उसने मोबाइल का कैमरा ज़ूम करके पिटाई का 25 सेकंड का वीडियो बना लिया।
वीडियो का संज्ञान लेकर एसपी आशुतोष शुक्ला ने जांच के आदेश दिए। शुरुआती जांच में पाया गया कि वीडियो में जिस नाबालिग को पीटा गया, उसके खिलाफ कोई शिकायत या चोरी का कोई आरोप नहीं था।
डीएसपी कर रहे मामले की जांच
मामले की जांच डीएसपी अशोक सिसौदिया कर रहे हैं। प्लेटफाॅर्म के कैमरे खंगाले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस नाबालिग को पीटा गया, उसका कोई रिकार्ड थाने में दर्ज नहीं किया गया।
उसका नाम, पता या मोबाइल नंबर कुछ भी नहीं लिखा गया और पिटाई के बाद उसे छोड़ दिया गया। ऐसे में नाबालिग को तलाश करना अधिकारियों के लिए मुश्किल होगा, जिससे जांच भी प्रभावित हो सकती है।
नाबालिग का कोई आपराधिक रिकाॅर्ड भी पता नहीं चल पाएगा। वहीं, इंटरनेट मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि मारपीट के बाद जीआरपी ने जानबूझकर उसका नाम-पत्ता दर्ज नहीं किया, ताकि यह पता न चल सके कि किशोर बेकसूर था।
मामले की जांच की जा रही है। सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया गया है। जिस किशोर को पीटने का आरोप है, उसके खिलाफ कोई शिकायत नहीं थी।
-अशोक सिसौदिया, डीएसपी, जीआरपी।
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