GDA की पहले आओ-पहले पाओ योजना से बढ़ी कमाई, छह माह में 517 करोड़ की संपत्तियां बिकीं; मधुबन-बापूधाम सबसे आगे
प्राधिकरण की "पहले आओ-पहले पाओ" योजना से पिछले छह माह में 517 करोड़ रुपये की आय हुई है। इस राशि ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
"पहले आओ-पहले पाओ" योजना से जीडीए को 517 करोड़ की आय।
मधुबन-बापूधाम और इंदिरापुरम योजनाओं में सर्वाधिक संपत्ति बिक्री हुई।
प्राप्त धनराशि का उपयोग शहर के विकास कार्यों पर होगा।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। प्राधिकरण की पहले आओ पहले पाओ योजना करोड़ों की आय का आधार बनी। पिछले छह माह में प्राधिकरण ने विभिन्न योजनाओं की संपत्तियों के विक्रय से करीब 517 करोड़ रुपये की धनराशि अर्जित की है।
एक जून से 12 सितंबर तक 213 संपत्तियों से 65.22 करोड़ रुपये की आय हुई। प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति मजबूत होने से अब इस राशि को शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
मधुबन-बापूधाम की सबसे ज्यादा मांग
उक्त जानकारी देते हुए जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि पिछले करीब छह माह में सबसे अधिक संपत्तियों की मांग मधुबन-बापूधाम योजना के पाकेट-एफ में रही। यहां 121 संपत्तियों की बिक्री हुई, जिनका मूल्य 40.89 करोड़ रुपये रहा।
यह कुल बिक्री का आधे से अधिक है। इंदिरापुरम योजना में 89 संपत्तियां बिकीं, जिनकी कीमत 23.31 करोड़ रुपये है। कोयल एन्क्लेव में 3 संपत्तियों से 1.03 करोड़ रुपये की आय हुई।
राजस्व से संवरेंगी जनसुविधाएं
उन्होंने बताया कि पहले आओ, पहले पाओ व्यवस्था का उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़ी संपत्तियों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण करना है। इससे आमजन को नियोजित और वैध संपत्ति आसानी से मिल रही है। वहीं प्राधिकरण को राजस्व भी प्राप्त हुआ है।
जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि इस मॉडल से संपत्ति निस्तारण में तेजी आई है। प्राप्त धनराशि का उपयोग शहर में सड़क, सीवर, पार्क और अन्य जनसुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा। आने वाले महीनों में और संपत्तियों को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
