15 सितंबर भर लें प्रॉपर्टी टैक्स, इसके बाद सील होंगी संपत्तियां; पंचकूला नगर निगम ने जारी किए नोटिस
पंचकूला नगर निगम ने 33 बड़े बकायेदारों से 15.20 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए सख्त रुख ...और पढ़ें

पंचकूला नगर निगम ने प्राॅपर्टी टैक्स की वसूली के लिए सख्त रुख अपनाया। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
15.20 करोड़ टैक्स की वसूली शुरू की।
33 बड़े बकायेदारों को अंतिम नोटिस।
निर्धारित तिथि तक भुगतान का मौका।
जागरण संवाददाता, पंचकूला। पंचकूला नगर निगम ने प्राॅपर्टी टैक्स की वसूली को लेकर अब सख्त रुख अपना लिया है। निगम क्षेत्र में 10 लाख रुपये से अधिक प्राॅपर्टी टैक्स बकाया रखने वाले 33 बड़े बकायेदारों पर कुल 15 करोड़ 20 लाख 45 हजार 603 रुपये का टैक्स बकाया है।
निगम की ओर से दो लाख रुपये से अधिक बकाया वाली संपत्तियों के मालिकों को हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 129 और 130 के तहत दूसरा नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में 15 सितंबर तक बकाया टैक्स जमा करने की समयसीमा दी गई है।
निगम अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समयसीमा में टैक्स जमा नहीं करने वाले निजी संपत्ति मालिकों के खिलाफ 15 सितंबर के बाद सीलिंग की कार्रवाई शुरू की जाएगी। निगम की इस कार्रवाई से बड़े बकायेदारों में हड़कंप मचा हुआ है।
सरकारी संपत्तियों पर भी करोड़ों बकाया
प्राॅपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदारों में सरकारी संपत्तियां भी शामिल हैं। 50वीं बटालियन के सेक्टर-30 स्थित कमांडेंट आॅफिस काॅम्प्लेक्स पर करीब 3.16 करोड़ रुपये और सेक्टर-29 स्थित रेजिडेंशियल काॅम्प्लेक्स पर 2.67 करोड़ रुपये का बकाया बताया गया है।
वहीं, एचएसवीपी की सेक्टर-1, 2, 3, 5 और राजीव काॅलोनी स्थित छह संपत्तियों पर कुल करीब 1.96 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। निगम की ओर से संबंधित सरकारी विभागों के विभागाध्यक्षों को भी बकाया राशि जमा करवाने के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं।
होटल और आईटी कंपनियां भी डिफाॅल्टर
निजी क्षेत्र में सेक्टर-32 स्थित होटल नाॅर्थ पार्क पर करीब दो करोड़ रुपये का प्राॅपर्टी टैक्स बकाया है। इसके अलावा सेक्टर-22 की एपवर्क्स आईटी सॉल्यूशंस पर 77.11 लाख रुपये और पैरामाउंट साॅफ्टवेयर पर 68.69 लाख रुपये बकाया हैं।
निगम के रिकार्ड में 1.05 लाख संपत्तियां
नगर निगम के रिकार्ड में कुल 1,05,045 संपत्तियां दर्ज हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार टैक्स रिकवरी के लिए लगातार नोटिस और अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सख्ती का असर निगम की आय पर भी दिखाई दे रहा है।
वर्ष 2025-26 में प्रॉपर्टी टैक्स, फायर टैक्स और गारबेज चार्ज के रूप में कुल 14.72 करोड़ रुपये की रिकवरी हुई थी। वहीं चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 10 सितंबर 2026 तक निगम कुल 12.47 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है। इसमें अकेले प्रॉपर्टी टैक्स से 9.60 करोड़ रुपये की आय हुई है।
नगर निगम आयुक्त विनय कुमार का कहना है कि सरकारी बकायेदारों से राशि वसूलने के लिए संबंधित विभागों के प्रमुखों को पत्र भेजे जा रहे हैं। निजी संपत्ति मालिकों को अंतिम अवसर दिया गया है। 15 सितंबर तक बकाया जमा नहीं करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सीलिंग सहित अन्य कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
