विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गाजियाबाद में फेडरल बैंक ने नकली सोना लेकर जारी किया 1.46 करोड़ का लोन, जांच में ग्राहक भी निकले फर्जी

By Vinit Edited By: Neeraj Tiwari
Published: Tue, 22 Sep 2026 10:58 PM (IST)

गाजियाबाद के फेडरल बैंक में 1.46 करोड़ रुपये के नकली सोने के आभूषण गिरवी रखकर गोल्ड लोन लेने का मामला ...और पढ़ें

राजनगर आरडीसी स्थित रुपीक गोल्ड लोन एजेंसी। जागरण

राजनगर आरडीसी स्थित रुपीक गोल्ड लोन एजेंसी। जागरण

HighLights

  1. 1.46 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन नकली सोने पर दिया गया।

  2. जांच में सामने आया कि लोन लेने वाले ग्राहक भी फर्जी थे।

  3. कई ग्राहकों के पते गलत निकले, कुछ बैंककर्मी से जुड़े थे।

विनीत कुमार, गाजियाबाद। फेडरल बैंक की आरडीसी शाखा में सोने के नकली आभूषण गिरवी रखकर 1.46 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन लेने के मामले में सिर्फ सोने के आभूषण ही नकली नहीं है बल्कि लोन लेने वाले ग्राहक भी फर्जी हैं। यानि उन्हें गोल्ड लोन की जरूरत नहीं थी और न ही उनके पास लोन के लिए सोना मौजूद था।

लोन खातों में दर्ज पतों की पड़ताल में कई नामजद ग्राहक मौके पर मिले ही नहीं। कुछ पते ऐसे भी मिले, जहां संबंधित व्यक्ति के रहने की पुष्टि नहीं हो सकी। आरोपितों ने ऐसे लोगों को ग्राहक बनाकर उनके नाम पर गोल्ड लोन कराया और बैंक में नकली सोने के आभूषण गिरवी रखवाया।

दो गोल्ड लोन में कुल 15.94 लाख रुपये जारी

दिल्ली गेट निवासी मयूर बंसल के नाम पर दो गोल्ड लोन में कुल 15.94 लाख रुपये जारी हुए। मयूर ने बताया कि उसे एक अन्य आरोपित मोसीम ने लोन दिलाया था। इसके बदले केवल 15 हजार रुपये दिए गए। उसके मुताबिक खाते में आई लोन की रकम मोसीम एवं एक अन्य ने अपने खाते में ट्रांसफर कराई थी और कुछ रकम नकद ले ली। उसे रुपयों की जरूरत थी इसलिए वह आरोपितों के बहकावे में आ गया।

पता भी पड़ताल में ट्रेस नहीं हो सका

रूपीक कंपनी की ओर से कराई गई मौके की जांच में भी कई पते संदिग्ध मिले। शांतिनगर निवासी कविता और शिवपुरी निवासी मोसिम खान अपने बताए पते पर नहीं मिले। साहिल सिंह और मोसिम खान का पता एक ही दर्ज है। विजयनगर सेक्टर-9 निवासी मुकुल कुमार और प्रताप विहार निवासी अलीबिन हुसैन का पता भी पड़ताल में ट्रेस नहीं हो सका।

ghaziabad-fedral-bank1 (1)

दिल्ली गेट स्थित गोल्ड लोन फर्जीवाड़े के आरोपित का मकान। जागरण

वसीम को पूर्व आरएम अजहर का रिश्तेदार बताया

प्रताप विहार निवासी वसीम अब्बास के घर उसका भाई निसार मिला। उसने बताया कि वसीम काम पर गया है। बाद में वसीम ने फोन पर बताया कि उसने अपने घर का सोना गिरवी रखा था और लोन की किस्त चुका रहा है। रूपीक की जांच में वसीम को पूर्व आरएम अजहर का रिश्तेदार बताया गया है। अलीबिन हुसैन जांच में अजहर के गांव का व्यक्ति होने की बात सामने आई।

ghaziabad-fedral-bank2

राजनगर आरडीसी स्थित फेडरल बैंक। जागरण

लोन लेने के बाद किस्त चुकाने में भी खेल

जांच में सामने आया कि अलीबिन हुसैन को छोड़कर किसी ने लोन की किस्त नहीं चुकाई। तीन किस्त नहीं आने पर खाते एनपीए घोषित किए जाते हैं और रूपीक कंपनी में सभी खाते एनपीए हो चुके हैं।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में 500 बच्चों की पढ़ाई पर संकट, नाले के पानी में उतरकर स्कूल पहुंच रहे जेन अल्फा छात्राओं का प्रदर्शन

यह भी पढ़ें- बर्थडे पार्टी में 'कढ़ाही पनीर' से निकला मरा कॉकरोच, गाजियाबाद के ढाबे की लापरवाही का फोटो वायरल