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गाजियाबाद के मरीजों का आभा आईडी बनवाना हुआ आसान, अब घर बैठे ऑनलाइन होगा ओपीडी पंजीकरण

Published: Tue, 12 May 2026 05:38 AM (IST)

सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण और आभा आईडी बनवाना अब आसान हो गया है। पुराने मोबाइल नंबर पर ओटीपी ...और पढ़ें

आभा आईडी बनवाने के लिए लगने वाली लंबी लंबी कतारों से अब छुटकारा मिल सकेगा।

आभा आईडी बनवाने के लिए लगने वाली लंबी लंबी कतारों से अब छुटकारा मिल सकेगा।

HighLights

  1. ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण और आभा आईडी बनाना अब सरल।

  2. पुराने मोबाइल नंबर पर ओटीपी समस्या का समाधान हुआ।

  3. मरीज घर बैठे आसानी से ओपीडी पर्ची बनवा सकेंगे।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी पंजीकरण और आभा आईडी बनवाने के लिए लगने वाली लंबी लंबी कतारों से अब छुटकारा मिल सकेगा। चिकित्सक को दिखाने के लिए मरीज को अब घर बैठे ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण की पर्ची बनवाना भी आसान होगा।

शासन स्तर से आनलाइन अपाइंटमेंट और आभा आइडी के लिए आने वाले ओटीपी का विकल्प तलाश लिया है। दरअसल आधार नंबर दर्ज करते ही 10-15 साल पुराने मोबाइल नंबर पर ओटीपी जा रहा था। अधिकांश लोगों के पास पुराना मोबाइल नंबर है ही नहीं। ऐसे में न तो आभा आइडी बन रहे थे और न ही ओपीडी की पर्ची।

इसके लिये अब मरीज को आभा आइडी बनवाते समय परिवार अथवा रिश्तेदार का या फिर वर्तमान मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज करना होगा। इसके साथ ही आभा आइडी और आनलाइन पर्ची बनकर मरीज के मोबाइल पर आ जाएगी। बस पर्ची को दिखाकर आप सीधे अस्पताल में संबंधित चिकित्सक के पास जाए और अपना इलाज कराये।

जिला एमएमजी अस्पताल के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के नोडल डा. अनिल कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि पहले बिना ओटीपी के आभा आइडी के साथ पर्ची भी नहीं बन रही थी।

नई व्यवस्था के तहत दो दिन से जिला एमएमजी अस्पताल में आनलाइन ओपीडी पंजीकरण और आभा आइडी का ट्रायल चल रहा है। इसमें अधिकांश आभा आइडी और आनलाइन पर्चियां बन रहीं है। कुछ में तकनीकी त्रुटियां आ रहीं है। इनको ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है।

ऐसे बनवाये आभा आईडी

आधार कार्ड नंबर देते हुए वर्तमान मोबाइल नंबर अथवा परिवार के किसी भी सदस्य का मोबाइल नंबर देना होगा। ओटीपी उसी नंबर पर जायेगा। ओटीपी बताने पर आभा आइडी बन जायेगा। इससे पहले आधार कार्ड से जुड़े अधिकांश मोबाइल नंबर लोगों ने बंद करके नये मोबाइल नंबर ले लिये है, जबकि आधार नंबर लिखते ही उसी पुराने मोबाइल नंबर पर ओटीपी जा रहा था। इससे न तो आभा आइडी बन पा रही थी और न ही ओपीडी पंजीकरण की पर्ची बन पा रही थी।

ऐसे बनवाये ऑनलाइन पंजीकरण पर्ची

एचएमआइएस पर जाकर आनलाइन ओपीडी पंजीकरण पर क्लिक करें। पहले जिला और फिर अस्पताल का चयन करें। अस्पताल में चिकित्सक एवं विभाग को चुनें। तीन विकल्पों में से एक को चुनें। पहला मोबाइल नंबर, दूसरा आभा आइडी नंबर और तीसरा पुरानी पर्ची पर दर्ज नंबर। इसके बाद क्यूआर कोड खुलेगा। इसपर जाकर एक रूपये का आनलाइन भुगतान करना होगा। पर्ची बनकर तैयार हो जायेगी।

लखनऊ में एबीडीएम के नये प्रारूप को लेकर प्रदेश भर के सीएमओ और अस्पतालों के सीएमएस का प्रशिक्षण दिया गया। अगले तीन चार दिन में नई व्यवस्था को लागू कर दिया जायेगा। कोई भी मरीज आनलाइन ओपीडी पंजीकरण की पर्ची और आभा आइडी बनवा सकेंगे।शासन स्तर से नये दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं। ओटीपी के बिना भी आनलाइन ओपीडी पंजीकरण संभव। घर बैठकर मरीज इच्छा के अनुसार चिकित्सक की ओपीडी में दिखाने को बनवा सकेंगे पर्ची। - डॉ. राकेश कुमार, सीएमएस जिला एमएमजी अस्पताल

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