डीएम की अनोखी पहल: अफसरों पर जुर्माना, जरूरतमंदों को उपचार में मदद
गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने एक नई पहल की है, जिसके तहत लापरवाह अधिकारियों पर जुर्माना लगाकर उस धनराशि से जरूरतमंद मरीजों का उपचार कराया जा रहा है।
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डीएम की अनोखी पहल ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
लापरवाह अधिकारियों पर जुर्माना लगाकर धन संग्रह किया जा रहा है।
जुर्माने की राशि से जरूरतमंद मरीजों का उपचार कराया जा रहा है।
नौ माह में 11 परिवारों को 4.51 लाख की मदद मिली।
अभिषेक सिंह, गाजियाबाद। कई लोग ऐसे होते हैं जो कि पैसे के अभाव में खुद का या परिवार के सदस्य का उपचार नहीं करा पाते हैं।
कुछ लोग उपचार के लिए कर्ज लेते हैं और फिर उस कर्ज को उतारना उनके लिए मुश्किल हो जाता है या फिर कर्ज चुकाने के चक्कर में ही बीमार हो जाते हैं।
जिलाधिकारी की नई पहल
ऐसे जरूरतमंदों की मदद के लिए गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने नई पहल की है। उन्होंने ड्यूटी में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाना शुरू किया है, जुर्माने की धनराशि उन जरूरतमंद परिवार को दी जाती है, जिनको पैसों की कमी के कारण उपचार में परेशानी होती है।
जिला स्तरीय बैठकों से कई बार कुछ अधिकारी बिना कारण बताए अनुपस्थित हो जाते हैं। कुछ अधिकारी एक काम को कई दिन तक लंबित रखते हैं, इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे अधिकारियों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता रहा है और उन पर विभागीय एक्शन लिया गया है।
जुर्माने की प्रक्रिया भी शुरू
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने अब इसमें आर्थिक जुर्माना भी जोड़ दिया है। उन्होंने बैठकों में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाना शुरू किया है। अब तक 20 से अधिकारियों पर 500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा चुका है।
इनमें से अधिकतर अफसरों द्वारा जुर्माने की धनराशि जमा कर दी गई है। जुर्माने की धनराशि को रेड क्रास सोसाइटी के बैंकखाते में जमा कराया जाता है, जिससे कि जब भी कोई जरूरतमंद व्यक्ति जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर आए तो उसको तुरंत आर्थिक मदद दिलाई जा सके।
इससे एक तरफ जिले के नागरिकों को लाभ मिल रहा है तो दूसरी तरफ जेब पर भार पड़ने से अधिकारी भी अपनी कार्यशैली में सुधार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिलाधिकारी द्वारा नौ माह में 11 जरूरतमंदों को कुल 4.51 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक मदद उपचार के लिए दी गई है।
मुझे मेरी पुत्रवधू मंजू के उपचार के लिए रुपये की आवश्यकता थी, मैंने डीएम से मदद के लिए गुहार लगाई। उन्होंने उपचार के लिए 40 हजार रुपये प्रदान किए, जिससे कि पुत्रवधू का उपचार हो सका - ओमकारी
मेरी पत्नी कैंसर व पथरी की बीमारी से पीड़त हैं, उनका निजी अस्पताल में उपचार कराया। उपचार के लिए रुपये कम पड़ने पर डीएम से मदद मांगी, उन्होंने 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद की है। - रामप्रसाद सिंह
मेरे बेटे को नाक नीज की बीमारी थी, उसका उपचार दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में कराया। मुझे दवाओं की खरीद के लिए रुपये की आवश्यकता थी। मैंने डीएम से मदद मांगी तो उन्होंने 30 हजार रुपये की आर्थिक मदद दिलाई है। - प्रदीप कुमार
अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार करें, इसके लिए उन पर आर्थिक जुर्माना लगाया जा रहा है। इस रुपये से बीमार व्यक्ति के उपचार के लिए आर्थिक मदद जिला प्रशासन द्वारा की जाती है। प्रयास यह भी किया जा रहा है कि उपचार के लिए सभी जरूरतमंद परिवार का आयुष्मान कार्ड भी बन जाए, जिससे कि उनको उपचार के लिए पांच लाख रुपये तक की मदद मिल सके। - रविंद्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी, गाजियाबाद।
