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गाजियाबाद: डासना जेल के बीमार बंदी की एमएमजी अस्पताल में मौत, सीने में दर्द की हुई थी शिकायत

Published: Fri, 22 May 2026 01:08 AM (GMT+05:30)

गाजियाबाद के डासना जेल से बेहोशी की हालत में लाए गए बंदी कमर हसन को एमएमजी अस्पताल में मृत घोषित ...और पढ़ें

गाजियाबाद के डासना जेल से बेहोशी की हालत में लाए गए बंदी कमर हसन को एमएमजी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

गाजियाबाद के डासना जेल से बेहोशी की हालत में लाए गए बंदी कमर हसन को एमएमजी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

HighLights

  1. डासना जेल से लाए गए बंदी कमर हसन की मौत।

  2. एमएमजी अस्पताल में सीओपीडी मरीज गंगा सिंह का निधन।

  3. लू के कारण उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़े।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिला कारागार डासना से बृहस्पतिवार को बेहोशी की हालत में एक बंदी को जिला एमएमजी अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने जांच के बाद बंदी को मृत घोषित कर दिया। ईएमओ की ओर से पुलिस को भेजी कई सूचना के अनुसार मुरादनगर के रहने वाले 41 वर्षीय कमर हसन को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया। उक्त बंदी लंबे समय से बीमार था।

उधर जेल अधीक्षक सीताराम का कहना है कि हत्या के आरोप में कमर हसन को पुलिस ने 21 अगस्त 2021 को जेल भेजा था। उनके अनुसार जिला अस्पताल से लेकर मेरठ मेडिकल कालेज में कई बार हालत बिगड़ने पर भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार को भी सीने में दर्द की शिकायत पर अस्पताल भेजा गया था। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती सीओपीडी के मरीज गंगा सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई।

तीनों अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचे 3092 मरीज

लू चलने से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी में बृहस्पतिवार को भी उल्टी-दस्त, थकान, चक्कर आने और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या अधिक रही। तीनों अस्पतालों की ओपीडी में 3092 मरीज पहुंचे। सात मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया।भर्ती मरीजों की संख्या 132 है।

ओपीडी काउंटर पर पंजीकरण की पर्ची बनवाने को अनेक मरीज धूप में लंबी कतार में लगे रहे। सीएमएस डा. राकेश कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को कोई हीट स्ट्रोक का मरीज नहीं पहुंचा है। इमरजेंसी में पहुंचे कुल 78 गंभीर मरीजों में आठ बच्चे शामिल रहे। अधिकांश को उपचार करते हुए घर भेज दिया गया।जिला एमएमजी, संयुक्त अस्पताल और डूंडाहेड़ा अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे कुल मरीजों में बीमार बच्चों की संख्या 416 रही। बुखार के 299 मरीजों में भी 63 बच्चे शामिल रहे।

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