गाजियाबाद में 432 ईडब्ल्यूएस भवनों के लिए 1.40 करोड़ से तैयार होगा एसटीपी, लोगों को मिलेगी राहत
गाजियाबाद के डासना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 432 ईडब्ल्यूएस भवनों के लिए 400 केएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाया जाएगा।
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इस परियोजना पर 1.40 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। AI जनरेटेड
HighLights
डासना में 432 ईडब्ल्यूएस भवनों के लिए एसटीपी बनेगा।
400 केएलडी क्षमता का प्लांट, लागत 1.40 करोड़ रुपये।
शोधित पानी का उपयोग बागवानी और पार्कों में होगा।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। डासना में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के 432 भवनों से निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण की व्यवस्था बेहतर करने की तैयारी है।
जीडीए यहां 400 केएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनवाएगा। इसके निर्माण के साथ अगले पांच वर्ष तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी चयनित एजेंसी को दी जाएगी। इस परियोजना पर 1.40 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।
जीडीए ने एसटीपी के निर्माण और रखरखाव के लिए 1,40,37,339 रुपये का ई-टेंडर आमंत्रित किया है। एजेंसी को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 270 दिन का समय दिया जाएगा।
एसटीपी स्थापित होने से परिसर से निकलने वाले सीवेज को वैज्ञानिक तरीके से शोधित करने में मदद मिलेगी।
वहीं, जानकारी देते हुए अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि इसके लिए इच्छुक एजेंसियां 28 अक्टूबर को शाम पांच बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगी, जो 29 अक्टूबर सुबह 11 बजे ई-टेंडर जीडीए सेल में खोली जाएगी।
शोधित पानी का हो सकेगा उपयोग
एसटीपी का उद्देश्य केवल सीवेज का निस्तारण करना नहीं, बल्कि गंदे पानी को उपचारित कर उसके दोबारा उपयोग की संभावना बढ़ाना भी है। शोधित पानी का इस्तेमाल मानकों के अनुरूप बागवानी और पार्कों की सिंचाई में किया जा सकता है।
इससे पेयजल की बचत और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। हालांकि, वास्तविक लाभ प्लांट के समय पर निर्माण, नियमित संचालन और शोधित पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर निर्भर करेगा।
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