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गाजियाबाद में अस्पतालों के दुरुस्त होंगे हालात, CMO ने जारी किए निर्देश; लापरवाही पर होगी कार्रवाई

Published: Tue, 13 Oct 2026 08:13 PM (IST)

गाजियाबाद के सीएमओ ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार देने के लिए 12 बिंदुओं पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. सीएमओ ने 12 बिंदुओं पर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।

  2. प्रसव के बाद महिलाओं को 48 घंटे अस्पताल में रखना अनिवार्य।

  3. दवा उपलब्धता, उपकरण जांच, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्थाओं की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

सीएमओ डा. सचिन चंद्र वैश्य ने जिले के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षकों व प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को 12 बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा है।

इसमें दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की ड्यूटी, चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता, मरीजों की देखभाल और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश

आदेश के अनुसार, अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और उनके उचित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। चिकित्सकीय उपकरणों की स्थिति की नियमित जांच की जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ आकस्मिक ड्यूटी में बदलाव के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

आक्सीजन प्लांट और जनरेटर की भी जांच

अस्पतालों में आक्सीजन जनरेशन प्लांट, सक्शन मशीन और अन्य जरूरी उपकरणों को चालू हालत में रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली के उपकरणों और जनरेटर की समय-समय पर जांच करनी होगी।

मरीजों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और अस्पताल परिसर की साफ-सफाई पर भी ध्यान देना होगा। मरीजों और तीमारदारों के साथ स्टाफ का व्यवहार भी निगरानी के दायरे में रहेगा।

प्रसव के बाद 48 घंटे तक अस्पताल में रहेंगी महिलाएं

मातृ मृत्यु के मामलों को कम करने के लिए प्रसव के बाद महिलाओं को 48 घंटे तक अस्पताल में रखने पर जोर दिया गया है। रात में अस्पताल परिसर, प्रवेश द्वार, आकस्मिक कक्ष, प्रसव कक्ष, आपरेशन थिएटर और दवा वितरण कक्ष में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी होगी।

मरीजों के लिए पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश

मरीजों के लिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।सीएमओ डा. सचिन चंद्र वैश्य ने कहा कि सभी चिकित्सा अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना होगा। स्वास्थ्य इकाइयों में व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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