गाजियाबाद के सीएचसी-पीएचसी पर लगेंगे टेली हेल्थ कियोस्क, जांच हुई आसान
गाजियाबाद के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेली हेल्थ कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इससे मरीजों को एक ही स्थान ...और पढ़ें
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गाजियाबाद के सीएचसी-पीएचसी पर लगेंगे टेली हेल्थ कियोस्क ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
गाजियाबाद के सीएचसी-पीएचसी पर टेली हेल्थ कियोस्क लगेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने एनजीओ से सहयोग मांगा है।
मरीजों को एक ही जगह जांच सुविधा मिलेगी।
मदन पांचाल, जागरण गाजियाबाद। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुविधाजनक बनाने के लिए टेली हेल्थ कियोस्क स्थापित किए जाएंगे।
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) से सहयोग मांगा है। इन कियोस्क के माध्यम से लोगों को एक ही स्थान पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। इससे कुछ जांचों के लिए मरीजों को अलग से प्रयोगशाला तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
टेली हेल्थ कियोस्क की सुविधा देने का अनुरोध
मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से पीपुल टू पीपुल हेल्थ फाउंडेशन, नई दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. लक्ष्मीकांत पालो को पत्र भेजा गया था।
इसमें जिले के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में टेली हेल्थ कियोस्क की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। पत्र में 15 जून 2026 को हुई बैठक के संदर्भ का भी उल्लेख है।
योजना के तहत जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय, 50 बेड के अस्पताल, लोनी, भोजपुर, डासना, मुरादनगर और मोदीनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित अन्य स्वास्थ्य इकाइयों को शामिल किया गया है।
इसके अलावा एमएमजी चिकित्सालय में संचालित एनसीडी क्लीनिक और लोनी के सोम विहार स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भी उल्लेख है।
कियोस्क स्थापित करने के लिए मांगा गया सहयोग
स्वास्थ्य विभाग ने दो अन्य स्वास्थ्य इकाइयों महाराजपुर और शास्त्रीनगर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी टेली हेल्थ कियोस्क स्थापित कराने के लिए सहयोग मांगा है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कियोस्क लगाने का निर्णय संबंधित स्थल की उपयोगिता और जरूरतों के आधार पर होगा।
टेली हेल्थ कियोस्क से मरीजों को जांच और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पत्र में कियोस्क की स्थापना की निश्चित समयसीमा, जांचों की सूची और संचालन की विस्तृत व्यवस्था का उल्लेख नहीं है।
