गाजियाबाद में एयर पॉल्यूशन ने तोड़ा 4 साल का रिकॉर्ड, 465 तक AQI पहुंचने से बना ‘स्मॉग जोन’
गाजियाबाद में रविवार को वायु प्रदूषण ने चार साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जब AQI 465 दर्ज किया गया। लगातार ...और पढ़ें

गाजियाबाद में रिकॉर्डतोड़ प्रदूषण। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राहुल कुमार, साहिबाबाद। गाजियाबाद ने रविवार दोपहर 3:00 बजे वायु प्रदूषण के मामले में बीते चार वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) 465 दर्ज किया गया।
इससे पहले 12 नवंबर 2021 को एक्यूआइ 486 दर्ज किया गया था। हालांकि दोपहर चार बजे औसतन एक्यूआइ में गिरावट आकर 458 रह गया। इससे पहले एक अंक अधिक बीते 14 दिसंबर को 459 दर्ज किया गया था।
लगातार तीसरे दिन भी गाजियाबाद देश में सबसे प्रदूषित रहा। इसके बाद भी जिम्मेदारों हाथ पर हाथ रखकर आखें मूंदे बैठे रहे। दिनभर में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रविवार को और गंभीर हुई स्थिती
आसमान में शनिवार से ही धुंध छाई हुई है। रविवार को स्थिति और ज्यादा बढ़ गई। इसे देखकर ही ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि हवा कितनी जहरीली है। ज्यादातर इलाकों का एक्यूआइ गंभीर श्रेणी में होने के कारण हवा जहरीली बनी हुई है।
यह भी पढ़ें- गुरुग्राम में सांस लेना हुआ मुश्किल! AQI 383 पहुंचने पर शहर बना गैस चैंबर, स्वास्थ्य पर खतरा
इंदिरापुरम, लोनी, वसुंधरा व संजय नगर की हवा गंभीर श्रेणी में रही। लोनी का एक्यूआइ सबसे अधिक 479 दर्ज किया गया। इससे पहले लोनी का एक्यूआइ अंतिम बार चार नवंबर 2023 को 480 सबसे अधिक दर्ज किया गया था। वसुंधरा का एक्यूआइ 475 रहा।
एक तरफ हवा में जहर खुला हुआ है। दूसरी ओर अधिकारी रविवार की छुट्टी में व्यवस्त रहे। दिनभर में प्रदूषण फैलाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि ग्रेप के चौथे चरण की पाबंदियां लागू हैं।
बीते पांच वर्ष में अधिकतम एक्यूआइ
| वर्ष | एक्यूआइ |
|---|---|
| 2021 | 486 |
| 2022 | 416 |
| 2023 | 410 |
| 2024 | 438 |
| 2025 | 459 |
| 2026 | 458 |
रविवार दोपहर 4:00 बजे जिले का एक्यूआइ
| क्षेत्र | एक्यूआइ |
|---|---|
| गाजियाबाद | 458 |
| इंदिरापुरम | 456 |
| लोनी | 479 |
| संजय नगर | 422 |
| वसुंधरा | 475 |
रविवार को वायुमंडल में प्रदूषण के कणों की औसत मात्रा
| कण | इंदिरापुरम | लोनी | संजय नगर | वसुंधरा |
|---|---|---|---|---|
| पीएम-2.5 | 438 | 479 | 422 | 475 |
| पीएम-10 | 456 | 442 | 392 | 452 |
| नाइट्रोजन डाइआक्साइड | 41 | 74 | 122 | 88 |
| अमोनिया | 10 | 15 | 11 | 19 |
| सल्फर डाइआक्साइड | 24 | 8 | 15 | 20 |
| ओजोन | 11 | 23 | 19 | 32 |
| कार्बन मोनो आक्साइड | 77 | 53 | 45 | 87 |
(नोट: आंकड़ा माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर में है।)
देश के सबसे प्रदूषित शहर व एक्यूआइ
| शहर | एक्यूआइ |
|---|---|
| गाजियाबाद | 458 |
| दिल्ली | 440 |
| नोएडा | 430 |
| ग्रेटर नोएडा | 402 |
गाजियाबाद में अधिक प्रदूषण के प्रमुख कारण
- अवैध फैक्ट्रियों का धड़ल्ले से संचालन।
- वाहनों का दबाव और जाम की समस्या।
- जगह-जगह टूटी सड़कों पर उड़ने वाली धूल।
- विभिन्न क्षेत्रों में रोजाना जलाया जा रहा कूड़ा।
- उम्र पूरी कर चुके वाहनों का संचालन।
- ग्रेप की पाबंदियों के बाद भी निर्माण कार्य।
यह भी पढ़ें- प्रदूषण कम करने में चीन ने चौंकाया, 10 साल में बीजिंग का PM2.5 हुआ आधा; क्या है भारत के शहरों का हाल?
ग्रेप के नियमों का पालन कराने के लिए टीम सक्रिय है। जहां भी कोई उल्लंघन करता पाया जाएगा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी।
