गाजियाबाद में 600 प्रतिष्ठानों की जांच, 400 में मिली गड़बड़ी; प्रदूषण नियंत्रण बेर्ड ने 53 को किया सील
गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 600 प्रतिष्ठानों की जांच की, जिनमें से 400 मानकों के विपरीत पाए ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
गाजियाबाद में 600 में से 400 प्रतिष्ठान प्रदूषण मानकों के विपरीत।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी उल्लंघनकर्ताओं को नोटिस जारी किए।
53 प्रतिष्ठानों के बिजली कनेक्शन काटकर सील करने की कार्रवाई हुई।
राहुल कुमार, साहिबाबाद (गाजियाबाद)। जिले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की होटल, माल, बैंक्वेट हाल और रेस्तरां के खिलाफ जांच जारी है। बीते छह माह में जांच के दौरान 600 प्रतिष्ठानों में से 400 मानकों के विपरीत संचालित पाए गए।
कोई जल व वायु प्रदूषण फैला रहा था तो कोई बिना एनओसी के संचालित हो रहा था। इस पर बोर्ड ने सभी को नोटिस जारी कर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए निर्धारित समय तक पालन करने के आदेश दिए हैं। 13 अक्टूबर को एनजीटी में होने वाली सुनवाई से पहले अंतिम रिपोर्ट की जाएगी।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड ने बीते दिनों 625 प्रतिष्ठानों की सूची एनजीटी को सौंपी थी। साथ ही यह भी बताया था कि कितनों को नोटिस दिया है और कितनों के बिजली कनेक्शन काटते हुए बंद कराया है।
बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि मानकों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है, जो बचे हुए 25 प्रतिष्ठान हैं उनकी भी अगले एक सप्ताह में जांच की जाएगी।
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इसके बाद एनजीटी को सौंपी जाने वाली रिपोर्ट में बताया जाएगा कि कुल कितने प्रतिष्ठानों में से कितने मानकों का पालन कर रहे थे और नोटिस के बाद कितने प्रतिष्ठानों ने सुधार किए। जिन्होंने सुधार नहीं किए उन पर क्या कार्रवाई की गई।
करीब 53 प्रतिष्ठानों को कराया बंद
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस के बाद भी जो प्रतिष्ठान मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं उन पर विभाग कार्रवाई कर रहा है। अभी तक करीब 53 प्रतिष्ठानों पर प्रदूषण बोर्ड की टीम ने विद्युत निगम के साथ मिलकर बिजली कनेक्शन काटते हुए सील करने की कार्रवाई की है।
मानकों का पालन करने की रिपोर्ट देने और मुख्यालय से अनुमति के बाद ही इनका संचालन फिर से हो सकेगा।
वर्ष 2023 की याचिका पर एनजीटी ने लिया था संज्ञान
पर्यावरणविद प्रसून पंत और प्रदीप कुमार ने एनजीटी में 2023 में सबसे पहले याचिका दायर कर रिपोर्ट मांगी थी कि जिले में कितने प्रतिष्ठान हैं और उनमें से कितने मानकों का पालन कर रहे हैं। साथ ही जो पालन नहीं कर रहे हैं प्रदूषण बोर्ड उन पर क्या कार्रवाई कर रहा है।
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इस पर वर्ष 2024 में प्रदूषण बोर्ड ने करीब 42 प्रतिष्ठानों की सूची उपलब्ध कराते हुए मामले का निपटारा कर दिया था। लेकिन याचिकाकर्ता इससे संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद बोर्ड ने एनजीटी को कुल 183 की सूची दी। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह आंकड़ा भी बहुत कम है।
वर्ष 2025 में फिर से मामले को खोला। सात जुलाई 2026 को एनजीटी में सुनवाई हुई। इसके बाद बोर्ड ने कुल 625 प्रतिष्ठानों की रिपोर्ट सौंपी थी।
एनजीटी को जिन 625 प्रतिष्ठानों की सूची उपलब्ध कराई गई थी उनमें से करीब 400 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए हैं। ये प्रतिष्ठानों प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। इन पर कार्रवाई भी जारी है। - अंकित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी।
