गाजियाबाद में जिन पर प्रदूषण रोकने की है जिम्मेदारी, उनके ही 335 वाहन बिना पीयूसी के दौड़ रहे
गाजियाबाद में 335 सरकारी वाहन बिना वैध पीयूसी के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जबकि आम वाहन चालकों पर प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर सख्ती से कार्रवाई हो रही है।

गाजियाबाद में प्रदूषण नियंत्रण पर दोहरे मापदंड सरकारी वाहनों पर नहीं लागू पीयूसी नियम।
HighLights
गाजियाबाद में 335 सरकारी वाहन बिना वैध पीयूसी के।
पुलिस, जीडीए, एनडीआरएफ के वाहनों में पीयूसी की कमी।
आम पर सख्ती, सरकारी वाहनों को छूट पर सवाल।
लक्ष्य चौधरी, गाजियाबाद। प्रदूषण पर सख्ती का सबसे बड़ा विरोधाभास सरकारी वाहनों के आंकड़ों ने उजागर किया है। आम वाहन चालकों की वाहनों में पीयूसी (पाल्यूशन अंडर कंट्रोल) नहीं मिलने पर परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें चालान काट रही हैं, लेकिन सरकारी विभागों की सैकड़ों गाड़ियां बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के कई सालों से सड़कों पर दौड़ रही हैं।
पिछले चार महीने में आम वाहन स्वामियों के परिवहन विभाग द्वारा 300 से अधिक चालान किए जा चुके हैं, जबकि जिले में पंजीकृत 753 सरकारी वाहनों में करीब 335 के पास वैध पीयूसी नहीं है। ऐसे में सवाल है कि नियमों का डंडा सिर्फ आम वाहन चालकों पर ही क्यों चल रहा है?
परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हर दूसरे सरकारी वाहन पर प्रदूषण के नियम लागू ही नहीं हो रहे हैं। बिना वैध पीयूसी कारों की संख्या 140, मोटर साइकिल 220, गूड्स करियर 143, बस 109 और ट्रैक्टरों की संख्या 140 हैं।
बिना वैध पीयूसी वाले सरकारी वाहनों में पुलिस के करीब 140 वाहन
आरटीओ विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बिना वैध पीयूसी वाले सरकारी वाहनों में पुलिस के करीब 140 वाहन हैं। इसके बाद जीडीए के करीब 70 और एनडीआरएफ के करीब 65 वाहन ऐसे हैं, जिनके पास वैध पीयूसी नहीं है। अन्य सरकारी विभागों के वाहनों को मिलाकर यह संख्या करीब 335 तक पहुंच रही है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। निजी वाहन चालकों को पीयूसी प्रमाणपत्र साथ रखने और प्रदूषण मानकों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं। उल्लंघन पर चालान भी किए जाते हैं। लेकिन सरकारी महकमों की गाड़ियों की स्थिति सामने आने के बाद सवाल यही है कि जब आम वाहन चालक प्रदूषण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई से नहीं बच सकता तो सरकारी वाहन कैसे बच रहे हैं?
आम वाहन चालकों पर धड़ाधड़ कार्रवाई
परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें सड़कों पर प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने वाले निजी और व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पिछले चार महीने में करीब 300 से अधिक वाहनों के चालान किए गए हैं। पीयूसी नहीं होने, प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने और अन्य संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में सरकारी और आम वाहनों पर कार्रवाई के इस अंतर ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सड़क पर बिना वैध पीयूसी संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ विभाग की ओर से नियमित रूप से कार्रवाई की जाती है। हालांकि, हाल के दिनों में सरकारी वाहनों के खिलाफ अलग से कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया है। जिन सरकारी वाहनों की पीयूसी की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनके संबंधित विभागों को पत्र भेजकर वैध पीयूसी कराने के निर्देश दिए जाएंगे। - डॉ. सियाराम वर्मा, आरटीओ प्रवर्तन
- जिले में पंजीकृत सरकारी वाहन- 753
- वैध पीयूसी नहीं वाले सरकारी वाहन- 335
- पिछले चार माह में आम वाहनों के चालान- लगभग 300
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